सुरभि न्यूज़
झंडूता/बिलासपुर, 30 दिसंबर
जिला बिलासपुर की झड़ूता विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत घंडीर में शिक्षाविद ज्ञान सिंह गंभीर के आवासीय परिसर में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति विकास निधि कानून के लिए राज्य गठबंधन द्वारा एक परिचर्चा का आयोजन किया गया जिसमें झडूता विधानसभा क्षेत्र की संबंधित पंचायतों से 96 प्रतिनिधियों ने अपनी भागीदारी की।
परिचर्चा के दौरान सामाजिक आर्थिक समानता के लिए जन अभियान अध्यक्ष एवं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति विकास निधि कानून के लिए राज्य गठबंधन के मैंटर प्रोफेसर के.एस.धीर, भारतीय वन सेवा के पूर्व अधिकारी डी.पी चंद्रा, हिमाचल प्रदेश अंबेडकर मिशन अनुसूचित जाति कल्याण समिति एवं राज्य गठबंधन की कोऑर्डिनेशन कमेटी के सदस्य सेवानिवृत्ति मुख्य अभियंता इंजीनियर एम.आर. धरोच, राज्य गठबंधन के सदस्य सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक मंशाराम, प्रोफेसर सीताराम, डॉ राजेंद्र पाल भाटिया, शिक्षाविद ज्ञान सिंह गंभीर तथा राज्य गठबंधन की ओर से सुखदेव विश्व प्रेमी ने निम्न मुद्दों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
* सामाजिक क्रांति के रूप में भारतीय संविधान
– मौलिक अधिकार एवं नीति निर्देशक सिद्धांत
* अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उप योजना के प्रावधान उद्देश्य एवं कार्यक्रम
* अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उप योजना के लिए कानून बनाने के लिए राष्ट्र और राज्य स्तरीय संघर्ष एवं पैरवी की प्रक्रिया में समाज की प्रतिबद्धता एवं समर्पण
* जिन राज्यों में अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति विकास निधि कानून बने वहां की स्थिति एवं अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति समाज की शैक्षणिक एवं आर्थिक स्थिति में आए बदलाव
* हिमाचल प्रदेश में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उप योजना की वर्तमान स्थिति
इस विधानसभा स्तरीय परिचर्चा के दौरान उपस्थित प्रतिभागियों की सहमति से “अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति विकास निधि कानून” के लिए राज्य गठबंधन” की “झंडूता विधानसभा स्तरीय कमेटी” का गठन किया गया, जिसमें प्रत्येक पंचायत से एक-एक महिला-पुरुष, युवती- युवक तथा विभिन्न स्कूल कॉलेज और यूनिवर्सिटीज में पढ़ने वाले छात्रा- छात्रों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया।
शिक्षाविद ज्ञान सिंह गंभीर ने परिचर्चा में उपस्थित प्रतिभागियों की सहमति से कहा कि हिमाचल प्रदेश में,”अनुसूचित जाति, जनजाति विकास निधि विशेष कानून” बनाने के मुद्दे पर आगामी बजट सत्र के दौरान सरकार द्वारा पार्टी चुनाव घोषणा पत्र में किए गए वायदे को याद दिलाने के लिए शिमला में दिये जा रहे धरने में “अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति विकास निधि कानून के लिए झंडूता विधानसभा कमेटी” की ओर से 300 प्रतिनिधि अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे।










