कुल्लू, 30 दिसंबर
राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के सात दिवसीय विशेष शिविर के दौरान टीम साम्फिया (Samphia) द्वारा राजकीय महाविद्यालय कुल्लू के स्वयंसेवकों के लिए दिव्यांगता जागरूकता एवं संवेदनशीलता पर एक प्रेरणादायक सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र का उद्देश्य युवाओं में दिव्यांगजनों के प्रति समझ, सहानुभूति एवं समावेशन की भावना को सुदृढ़ करना रहा।
इस अवसर पर साम्फिया की कार्यकारी निदेशक डॉ. श्रुति भारद्वाज ने विभिन्न थेरेपी सेवाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने गतिविधियों के माध्यम से दिव्यांगता की व्यावहारिक समझ साझा करते हुए बताया कि सही मार्गदर्शन, समय पर हस्तक्षेप और सहयोग से दिव्यांगजन आत्मनिर्भर जीवन जी सकते हैं।
वहीं साम्फिया के वरिष्ठ कार्यक्रम प्रबंधक बीजू हिमदल ने संस्था द्वारा किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डालते हुए दिव्यांगता के क्षेत्र में राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवकों (NSS) की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की सबसे बड़ी ताकत है।
कार्यक्रम के दौरान रोचक एवं सहभागितापूर्ण गतिविधियों के माध्यम से स्वयंसेवकों को दिव्यांगता से जुड़े विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया, जिससे जागरूकता के साथ-साथ संवेदनशीलता और समावेशन की भावना को भी मजबूती मिली। इस अवसर पर साम्फिया के सलाहकार डॉ. गौरव भारद्वाज, सोशल वर्कर इशानी शर्मा, सनी एवं मनु विशेष रूप से उपस्थित रहे।











