विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन से आएगा क्रांतिकारी बदलाव, प्रदेश को 90:10 अनुपात की तर्ज पर मिलेगा लाभ – जयराम ठाकुर 

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सुरभि न्यूज़

मंडी, 04 जनवरी

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने रविवार को मंडी में मीडिया को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी विपक्ष में होने के कारण हताशा में है और केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा में किए जा रहे सकारात्मक सुधारों को लेकर देश और प्रदेश की जनता को लगातार गुमराह कर रही है।

हिमाचल में भी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू अपने राष्ट्रीय नेताओं के दबाब में आकर जनता के सामने झूठ परोस रहे हैं जिसका पर्दाफाश करने के लिए भाजपा जनजागरण अभियान प्रदेशभर में चलाएगी। जिस सरकार ने सत्ता में आते ही लोगों की मांग पर खोले गए 2000 संस्थान बंद कर दिये हों उसके नेताओं को केंद्रीय योजना के मात्र नामकरण पर इतना झूठ नहीं बोलना चाहिये कि मनरेगा को एनडीए सरकार खत्म करने जा रही है। जयराम ठाकुर ने स्पष्ट किया कि मोदी सरकार का लक्ष्य केवल रोजगार देना नहीं, बल्कि नागरिकों को ‘रोजगार सृजनकर्ता’ बनाना है।

​जयराम ठाकुर ने आंकड़ों के साथ स्पष्ट किया कि नया मिशन (VB-G RAM G) मनरेगा का एक कहीं अधिक उन्नत और प्रभावी रूप है। उन्होंने मुख्य अंतरों को स्पष्ट करते हुए कहा कि जहाँ मनरेगा में केवल 100 दिन के रोजगार की गारंटी थी, वहीं नई योजना के तहत इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। मनरेगा केवल ग्रामीण रोजगार तक सीमित था, जबकि नया मिशन रोजगार के साथ-साथ आजीविका विकास पर केंद्रित है।

नए प्रावधानों के तहत अब भुगतान साप्ताहिक आधार पर 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा। जयराम ठाकुर ने कहा कि मनरेगा में पारंपरिक निगरानी के कारण भ्रष्टाचार की बहुत शिकायतें आती थीं। अब नई योजना में डिजिटल ट्रैकिंग और बायोमेट्रिक निगरानी होगी, जिससे राशन कार्ड की तर्ज पर होने वाली लीकेज को पूरी तरह रोका जा सकेगा।

​नेता प्रतिपक्ष ने कांग्रेस के दावों को खोखला बताते हुए कहा कि 2014 में कांग्रेस के समय मनरेगा का बजट मात्र 33,000 करोड़ रुपये था, जिसे मोदी सरकार ने 2020-21 में बढ़ाकर 1.10 लाख करोड़ रुपये तक पहुँचाया। वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए भी भारी बजटीय प्रावधान किए गए हैं। ​

उन्होंने वित्तीय मॉडल पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सामान्य राज्यों के लिए केंद्र-राज्य की हिस्सेदारी 60:40 रहेगी, लेकिन पूर्वोत्तर राज्यों, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी क्षेत्रों के लिए केंद्र सरकार कुल खर्च का 90% हिस्सा खुद वहन करेगी जबकि राज्यों को केवल 10 प्रतिशत ही भार रहेगा।

जयराम ठाकुर ने कहा कि यह मिशन “विकसित भारत 2047” के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। कौशल विकास, अप्रेंटिसशिप और स्टार्टअप के माध्यम से युवाओं को सीधे उद्योगों से जोड़ना, स्वयं सहायता समूहों और स्वरोजगार योजनाओं के जरिए महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाना और स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर ग्रामीण स्तर पर ही रोजगार सृजन करना ताकि पलायन रुके। वहीं ​सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थायी रोजगार के साथ-साथ आय में वृद्धि और समावेशी विकास सुनिश्चित करना, ​बेरोजगारी भत्ता और सुरक्षा देना भी प्रमुख है।

​उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि इस स्कीम के तहत आवेदन करने के 15 दिनों के भीतर काम नहीं मिलता है, तो दैनिक बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा, जिसका खर्च राज्य सरकारें उठाएंगी। डिजिटल लिंकेज की वजह से इन प्रावधानों को लागू करना अब और भी आसान होगा।

जयराम ठाकुर ने अंत में कहा कि कांग्रेस पार्टी केवल नकारात्मक राजनीति कर रही है, जबकि मोदी सरकार गरीब और वंचित वर्ग के सशक्तिकरण और गरीबी उन्मूलन के लिए दीर्घकालिक समाधान पर काम कर रही है। इस अवसर पर उनके साथ पूर्व मंत्री एवं सदर के विधायक अनिल शर्मा, सुंदरनगर के विधायक एवं पार्टी प्रदेश मुख्य प्रवक्ता राकेश जंबाल, विधायक इंद्र सिंह गांधी, प्रवक्ता अजय राणा, प्रवक्ता पंकज जंबाल, जिलाध्यक्ष निहाल चंद शर्मा भी उपस्थित रहे।

सुंदरनगर में मेधावी बच्चों को पुरस्कृत किया

इससे पूर्व उन्होंने सुंदरनगर स्थित एंजल पब्लिक स्कूल के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में बतौर मुख्यातिथि शिरकत कर मेधावी बच्चों को पुरस्कृत किया। उन्होंने कहा कि नन्हे-नन्हे विद्यार्थियों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने मन को अत्यंत प्रसन्नता से भर दिया। मुझे पूर्ण विश्वास है कि ये बच्चे भविष्य में नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे और अपने विद्यालय तथा अभिभावकों का गौरव बढ़ाएँगे। वहीं उन्होंने सुंदरनगर में नवनिर्मित होटल कार्तिकेयन के उद्घाटन समारोह में भी

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