सूत्रधार कला संगम कुल्लू ने नव संवत्सर विक्रम संवत 2083 के शुभावसर पर आयोजित किया सूत्रधार नव संवत् समारोह

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सुरभि न्यूज़

कुल्लू, 20 मार्च

सूत्रधार कला संगम कुल्लू द्वारा नव संवत्सर “विक्रम संवत 2083” के शुभावसर पर “सूत्रधार नव संवत् समारोह” का आयोजन सूत्रधार भवन के सभागार में बड़ी धूमधाम से किया गया।

कार्यक्रम में भक्ति सुधा सेवा सनातन संस्थान कुल्लू के अध्यक्ष, सुप्रसिद्ध ज्योतिष एवं कर्मकाण्ड विशेषज्ञ तथा भागवत कथा प्रवक्ता पण्डित अजय मोदगिल ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की।

इस अवसर पर संस्था द्वारा मुख्यातिथि को कुल्लवी परम्परा अनुसार शाल, टोपी व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया तथा इसके साथ कार्यक्रम में पधारे राजेश शर्मा व राकेश शर्मा को भी को कुल्लवी परम्परा अनुसार सम्मानित किया गया।

संगीत अकादमी के प्राचार्य पं० विद्या सागर के निर्देशन में कलाकारों ने उत्कृष्ट गायन, वादन एवं नृत्य प्रस्तुत कर समां बांध दिया । कार्यक्रम की शुरुआत सर्वप्रथम दीप प्रज्जवलन से कि गई तत्पश्चात अर्पिता, करिश्मा, धनवंती व दर्गा ने सरस्वती वन्दना हे शारदे माँ, शुभम, विजय, अनुष्का व दुर्गा ने शिव कैलाशों के वासी, संजय पुजारी ने भजन, कृष्णा व ऋतू ने छिंज, अर्पिता ने ठुमरी का करूं सजनी, रोजी व करिश्मा ने उड़ी जाया कालेया कागा, रोजी ने लाहौली लोकगीत घूरे की शानदार प्रस्तुतियां दी तथा रेखा ने अपने नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति देकर वाहवाही लुटी। इनके साथ तबले पर भास्कर शर्मा, बांसुरी पर निशांत गौतम तथा हारमोनियम पर पं० विद्या सागर ने संगत की।

कार्यक्रम में मुख्यातिथि पं० अजय मोदगिल द्वारा नव संवत् के अवसर पर पुरे वर्ष का व्याख्यान किया गया और सनातन संस्कृति पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति सबसे पुरानी और परंपराओं को समेटे हुए एक साथ लोगों को लेकर चलने वाली सभ्यता है। सनातन धर्म के अपने अलग-अलग नियम और परंपराओं के साथ बहुत सी चीजों का पालन किया जाता है। ऐसे में हिंदू नव संवत्सर भी सनातन धर्म में चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन से माना जाता है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन ही सृष्टि का आरंभ हुआ था, इसलिए इस दिन से ही हम वर्ष आरंभ मानते हैं । इस बार “रौद्र संवत्सर” “विक्रम संवत 2083” है जिसमें राजा बृहस्पति तथा मंत्री पद पर मंगल विराजमान है। मंच का संचालन संस्था के प्रचार-प्रसार प्रभारी सुंदर श्याम महंत द्वारा बखूभी निभाया गया।

इस मौके पर संस्था के अध्यक्ष दिनेश सेन द्वारा आये हुए सभी महानुभावों का स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि आज के इस आधुनिकता के दौर में धीरे-धीरे हमारी पुरानी सनातन संस्कृति क्षीण होती जा रही है ऐसे में संस्था ने बीड़ा उठाया और आज नव संवत् के शुभावसर पर “सूत्रधार नव संवत् समारोह” का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में संस्था अध्यक्ष दिनेश सेन सहित संरक्षक मण्डल सदस्य राजेन्द्र सूद, उपाध्यक्ष कंवर वीरेंद्र सिंह, महासचिव अतुल गुप्ता, वित्त सचिव जोंगेंद्र ठाकुर, भण्डार प्रभारी तिलक राज चौधरी, सचिव मंजू शर्मा, यशोदा शर्मा व हितेश गोगी, प्रचार-प्रसार प्रभारी सुंदर श्याम महंत, लोकनृत्य प्रभारी सीमा शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य भारत भूषण आचार्य, कैप्टन रणधीर सिंह सल्हुरिया व सुबोध सूद, प्राचार्य संगीत अकादमी पं० विद्या सागर, आमंत्रित सदस्य निशांत गौतम, जीवन बुडाल व संजय कुमार, प्रबंधक उत्तम चन्द, अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष संजीव भारद्वाज, रिटायर्ड अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रविन्द्र जम्वाल, नगर परिषद मनाली पूर्व अध्यक्ष चमन कपूर, समाज सेवी विजय सेन, नवीत शर्मा, डी०सी० यादव, दिव्या शर्मा, व दीप आदि अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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