एनएचपीसी द्वारा भारत की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना 2000 मेगावाट सुबनसिरी लोअर परियोजना की तीसरी यूनिट (250 मेगावाट की यूनिट संख्या -1) के वाणिज्यिक संचालन की घोषणा

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सुरभि न्यूज़

फरीदाबाद, 21 मार्च

एनएचपीसी लिमिटेड, विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र के ‘नवरत्न’ उपक्रम ने अरुणाचल प्रदेश/असम में स्थित अपनी 2000 मेगावाट (8×250 मेगावाट) क्षमता वाली सुबनसिरी लोअर जलविद्युत परियोजना की तीसरी यूनिट (यूनिट #1, 250 मेगावाट) के सफल वाणिज्यिक संचालन की घोषणा की है। यह यूनिट 20 मार्च, 2026 को 00:00 बजे से वाणिज्यिक संचालन में आ गई जिससे राष्ट्रीय ग्रिड में 250 मेगावाट स्वच्छ जलविद्युत क्षमता जुड़ गई।

इस यूनिट के आरंभ होने के साथ ही, सुबनसिरी लोअर परियोजना ने अपनी नियोजित परिचालन क्षमता 2000 मेगावाट में से 750 मेगावाट की परिचालन क्षमता हासिल कर ली है। इससे ग्रिड स्थिरता सुनिश्चित करने, पीक पावर सपोर्ट प्रदान करने और नवीकरणीय ऊर्जा को राष्ट्रीय ग्रिड में एकीकत करने में जलविद्युत की भूमिका और मजबूत हुई है। वाणिज्यिक संचालन से पहले इस यूनिट का ट्रायल रन 27 फरवरी 2026 को सफलतापूर्वक पूरा किया गया था, जो परियोजना की प्रगति में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर भूपेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी ने भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय तथा अरुणाचल प्रदेश और असम की सरकारों का उनके निरंतर सहयोग के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यपालक निदेशक, राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में सुबनसिरी लोअर परियोजना टीम के समर्पित प्रयासों और एनएचपीसी के निगम मुख्यालय के विभिन्न विभागों के बहुमूल्य योगदान की सराहना की।

उन्होंने आगे कहा कि इस सफल कमीशनिंग से एनएचपीसी की मजबूत तकनीकी विशेषज्ञता और निष्पादन क्षमता को दर्शाता है और भारत सरकार के सतत एवं आत्मनिर्भर विद्युत क्षेत्र के दृष्टिकोण के अनुरूप यह राष्ट्रीय ऊर्जा के लचीलेपन को सुदृढ़ करने में इसकी महत्पूर्ण भूमिका को दर्शाता है। उन्होंने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि यह उपलब्धि परियोजना की शेष यूनिटों के समय पर कमीशनिंग को सुगम बनाएगी।

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