सुरभि न्यूज़
ख़ुशी राम ठाकुर, बरोट
प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की और से पेश किए गए बजट को छोटा भंगाल तथा चौहार घटी के कई लोगों ने सराह है और कई लोगों ने इस बजट को नकारा भी है। दोनों क्षेत्रों के लोगों की आगजनी की घटनाओं से बचने के लिए अग्निशमन केंद्र खोलने की मांग वर्षों चली आ रही है।
गत वर्ष मुख्यमंत्री द्वारा यहाँ पर अग्निशमन केंद्र खोलने की घोषणा के बावजूद भी अभी तक यहाँ पर अग्निशमन केंद्र ही नहीं खुल पाया है और न ही बजट में यहाँ पर स्थित प्राथमिक पाठशालाओं से लेकर महाविद्यालय मुल्थान में वर्षो से खाली चल रहे अध्यापकों और प्रोफेसरों के पदों को भरने की घोषणा की और न ही इन दोनों दुर्गम घाटियों के उत्थान के लिए विशेष पैकेज देने की घोषणा की गई।

छोटाभंगाल की रूपी ठाकुर ने इस बजट को नकारा है। उन्होंने कहा कि गत वर्ष मुख्यमंत्री द्वारा चौहार घाटी तथा छोटाभंगाल में अग्निशमन केंद्र खोलने की घोषणा की थी मगर यहाँ पर अग्निशमन केंद्र को आज तक नहीं खोला गया और न ही मुख्यमंत्री द्वारा बजट में इस पर कोई बात की गई और न ही गत कई वर्षो से पर्यटन के लिहाज़ से तेज़ी से उभर रही दुर्गम छोटाभंगाल व चौहार घाटी को पर्यटन के लिहाज़ से विकसित करने की घोषणा गई है।

छोटाभंगाल के सुर्दशन सिंह ने इस बजट की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने अति गरीब लोगों के लिए इस बार विशेष व्यवस्था की है। प्रदेश के विद्युत् उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक बिजली निशुल्क देना और अन्य सुविधाएं प्रदान करने की घोषणा से गरीब परिवारों को काफी राहत मिलेगी।

छोटाभंगाल के निवासी जोगिन्द्र सिंह का कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा पेश किया गया यह चौथा बजट स्वरोज़गार के लिए सब्सिडी व कौशल विकास योजनाओं का विस्तार युवाओं के भविष्य के लिए एक ठोस कदम है। खेलों और शिक्षा के क्षेत्र में प्रावधानों से दुर्गम घाटियों में छुपी हुई प्रतिभाओं को भी मंच संभालने का मौक़ा मिलेगा।

चौहार घाटी के पूर्व सूबेदार राम सरन चौहान ने इस बजट की खूब सराहना की। गारंटियों को पूरा करने संकल्प, रोज़गार, स्वास्थय, ग्रामीण विकास खेलों को बढ़ावा, पर्यटक विकास तथा प्रदेश में चार टाउन शिप बनाना वरिष्ट नागरिकों को तीन हज़ार पेंशन और अंशकालीन कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि करना जैसे बेहद सराहनीय कदम है।

चौहार घाटी के राम सिंह ने मुख्यमंत्री द्वारा पेश किए गए इस बजट को पूरी तरह से नकार दिया है। यह बजट केवल लोक लुभावने वाला बजट पेश किया गया। पहले की गई घोषणाओं को भी सरकार अमलीजामा नहीं पहना पाई है। प्रदेश सरकार आर्थिक तंगी का राग अलापने के बावजूद भी सरकार ने लोगों को मात्र सवप्न दिखाने का कार्य किया है।

चौहार घाटी के वजिन्द्र का कहना है कि इस बजट में पर्यटन कारोबारियो की आर्थिकी स्थिति को मजबूत करने के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है और न ही युवाओं के लिए रोज़गार सृजन से सम्बन्धित कोई नई पहल की गई है।










