सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, कुल्लू
रंगमंच गांव गांव आंगन आंगन की अवधारणा के अन्तरगत रंगमंच के क्षेत्र में कुल्लू की सक्रिय संस्था ऐक्टिव मोनाल कल्चरल ऐसोसिएशन के कलाकारों ने कुल्लू के लंका बेकर गांव स्थित अम्बेदकर पार्क में अपने नाटक ‘दुग्ध धेनू’ का मंचन कर दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
केहर सिंह ठाकुर द्वारा लिखित व निर्देशित यह नाटक पहाड़ी क्षेत्र की उन पीड़ित औरतों के संघर्ष और उस अत्याचारी राजा से बदले को दिखाता है जिसे उन औरतों के दूध की खीर खाने की आदत पड़ गई थी। दूध के लालच में वह उन औरतों को तहखाने में जमा करता है।
अन्ततः वही औरतें अन्य गांव वालों के सहयोग से लोकनाट्य हिरणातर जिसे स्थानीय भाषा में हौरन कहते हैं उसकी आढ़ में हिरण के मुखौटे पहने नाचते नाचते राजा के पास पहुंचती है और मौका पाते ही राजा को अपने साथ छुपा कर लाई दराटियों से सामूहिक हमला कर मार डालती हैं।
उपस्थित दर्शकों ने नाटक को बहुत पसन्द किया और प्रस्तुति को सराहा। नाट्य प्रस्तुति के दौरान बहुत से दर्शकों की आंखें नम हुई और हर दृष्य पर तालियों की गड़गड़ाहट से अभिनेताओं का साथ दिया।
नाटक में केहर सहित रेवत राम विक्की, परमानन्द पिंकू, वैभव ठाकुर, सेजल, गीतांजलि, जिया, सोनिया, आशु शर्मा, गौरव, आंचल, अनन्या तथा समृद्धि आदि कलाकारों ने अपनी अपनी भूमिकाओं को बखूबी अन्जाम दिया।
मंच पार्ष्व में आलोक व वस्त्र परिकल्पना मीनाक्षी की रही जबकि पार्ष्व ध्वनि संचालन शिवांगिनी और पायल ने का रहा। इस अवसर पर नगर परिषद कुल्लू के पूर्व उपाध्यक्ष चन्दन प्रेमी, वरिष्ठ रंगकर्मी चमन नेगी, प्रसिद्ध कवि अजेय व रंग प्रेमी एवं कवि लगन सहित बहुत से गणमान्य व्यक्ति विषेश रूप् से उपस्थित रहे।














