सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, केलांग
जिला लाहौल स्पीति में पंचायती राज सामान्य निर्वाचन–2026 के अंतर्गत बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि निर्विरोध चुने जाने पर लोकतांत्रिक सहमति एवं स्थानीय स्तर पर आपसी समन्वय का सकारात्मक संकेत मिले है।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त लाहौल-स्पीति किरण भड़ाना ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि जिले में जिले में कुल 17 ग्राम पंचायतें निर्विरोध चुनी गई हैं, जिनमें लाहौल की 8 तथा स्पीति की 9 पंचायतें शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 170 वार्ड सदस्य सीटों में से 148 सीटें निर्विरोध निर्वाचित हुईं हैं, जबकि सिस्सू से एक पंचायत समिति (बीडीसी) सदस्य भी निर्विरोध निर्वाचित हुआ है।
उपायुक्त किरण भड़ाना ने कहा कि इन निर्विरोध चुनी गई पंचायतों के समग्र विकास को गति देने के उद्देश्य से प्रत्येक पंचायत को विकास कार्यों के लिए 25 लाख रुपये उपलब्ध करवाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस राशि से स्थानीय विकास योजनाओं, आधारभूत ढांचे तथा जनसुविधाओं को सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी।
उन्होंने बताया कि नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद विभिन्न पदों के लिए कुल प्रत्याशियों में जिला परिषद सदस्य के 22, पंचायत समिति के 39, पंचायत प्रधान के 80, उप-प्रधान के 76 तथा वार्ड सदस्य के 173 नामांकन प्राप्त हुए हैं तथा अब तक कुल 39 नामांकन वापस लिए जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि महिला सशक्तिकरण एवं मतदान प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लाहौल क्षेत्र में 20 पिंक मतदान केन्द्र स्थापित किए जाएंगे, जिनका संचालन पूर्णतः महिला कर्मियों द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन केन्द्रों का उद्देश्य महिलाओं के लिए मतदान प्रक्रिया को अधिक सुगम, सुरक्षित एवं प्रेरणादायक बनाना है।
उपायुक्त ने जिले के सभी पात्र मतदाताओं से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक संख्या में मतदान केन्द्रों तक पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें तथा लोकतंत्र को सशक्त बनाने में योगदान दें।
इसके साथ ही उन्होंने समाज से नशे के विरुद्ध सामूहिक सहयोग की भी अपील की तथा कहा कि हिमाचल प्रदेश को नशामुक्त राज्य बनाने के लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है।










