सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, फरीदाबाद : हरियाणा
एनएचपीसी लिमिटेड, विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक ‘नवरत्न’ पीएसयू ने अपने निदेशक मंडल की मंजूरी के साथ वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपने लेखा परीक्षित वित्तीय परिणाम घोषित किए हैं।
कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष 3084 करोड़ रूपए की तुलना में वित्त वर्ष 2025-26 में एकल आधार पर 3618 करोड़ रूपए का कर पश्चात लाभ (पीएटी) अर्जित किया है, जो कि पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 17% अधिक है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए समेकित शुद्ध लाभ पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान 3412 करोड़ रूपए की तुलना में 4220 करोड़ रूपए रहा, जिसमें 24% की वृद्धि दर्ज की गई।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 1.40 रूपए प्रति शेयर के अंतरिम लाभांश के अतिरिक्त निदेशक मंडल ने 0.21 रूपए प्रति इक्विटी शेयर के अंतिम लाभांश की सिफारिश की है। तदनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कुल लाभांश प्रति शेयर 1.61 रूपए है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान, कंपनी ने 03 परियोजनाओं, नामतः सुबनसिरी लोअर परियोजना (2000 में से 750 मेगावाट), पार्बती-॥ परियोजना (800 मेगावाट) और करनिसार सौर परियोजना (300 मेगावाट) को चालू कर के 1850 मेगावाट क्षमता का संवर्धन किया है, जो कंपनी के इतिहास में किसी भी वित्तीय वर्ष के दौरान सबसे अधिक क्षमता वृद्धि है। इसके अलावा, कंपनी के पावर स्टेशनों ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 25 पावर स्टेशनों से एकल आधार पर 7401 मेगावाट की संस्थापित क्षमता के साथ 23307 मिलियन यूनिट (एमयू) का उत्पादन हासिल किया।
एनएचपीसी, के पास वर्तमान में अपनी सहायक कंपनियों और संयुक्त उद्यमों के साथ 31 पावर स्टेशनों से 9333 मेगावाट की संस्थापित क्षमता है और कंपनी 9204 मेगावाट की कुल संस्थापित क्षमता वाली 17 परियोजनाओं का निर्माण कार्य कर रही है। इसके साथ ही, 10263 मेगावाट की कुल क्षमता वाली 09 परियोजनाएं मंजूरी स्तर पर हैं और 09 परियोजनाएं सर्वेक्षण एवं अन्वेषण स्तर पर है जिनकी समेकित क्षमता 9830 मेगावाट है।











