सुरभि न्यूज़
कुल्लू, 20 जून
जिला कुल्लू की तांदी पंचायत में आयोजित तीन दिवसीय आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्राम स्तर पर समुदाय, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय स्वयंसेवकों को आपदा की परिस्थितियों में सजग, सक्षम और संगठित बनाना था। इस दौरान प्रतिभागियों को आपदा जोखिम की समझ, प्रारंभिक प्रतिक्रिया खोज एवं बचाव, तथा सामुदायिक समन्वय से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर व्यावहारिक और उपयोगी जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आपदा की स्थिति में त्वरित निर्णय, प्राथमिक सुरक्षा उपाय, राहत एवं बचाव की प्रारंभिक प्रक्रिया, तथा सामुदायिक स्तर पर आपसी सहयोग की भूमिका के बारे में विस्तार से बताया गया। कार्यक्रम में स्थानीय भागीदारी और व्यवहारिक सीख पर विशेष बल दिया गया, ताकि प्रशिक्षण केवल जानकारी तक सीमित न रहे, बल्कि ग्राम स्तर पर वास्तविक तैयारी में परिवर्तित हो सके।
अतिरिक्त उपायुक्त एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, कुल्लू अश्वनी कुमार ने बताया कि यह आपदा रक्षक परियोजना हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (HPSDMA) और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) द्वारा आरम्भ की गई है। इस परियोजना का जमीनी क्रियान्वयन फाउंडेशन फॉर लिविंग नॉलेज (FOLK) द्वारा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, कुल्लू (DDMA) के समन्वय से किया गया। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, कुल्लू (DDMA) ने पंचायत स्तर पर लोगों को प्रशिक्षण के लिए संगठित करने, उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने तथा उन्हें प्रशिक्षण स्थल तक पहुँचाने में भी अहम भूमिका निभाई।
इस समन्वय के कारण प्रशिक्षण में स्थानीय समुदाय की सक्रिय उपस्थिति और सहभागिता संभव हो सकी।प्रशिक्षण का नेतृत्व फाउंडेशन फॉर लिविंग नॉलेज (FOLK) के निदेशक मधुसूदन सिंह ने किया। उनके साथ प्रशिक्षक के रूप में सीमा और मोहित ने भी प्रतिभागियों को विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन दिया। इसके अतिरिक्त, FOLK के सर्च एंड रेस्क्यू विशेषज्ञ श्री सुनील कुमार ने खोज एवं बचाव से संबंधित तकनीकी पहलुओं पर विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि आपदा प्रबंधन में स्थानीय समुदाय की तैयारी सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होती है। यदि पंचायत स्तर पर प्रशिक्षित और जागरूक टीम उपलब्ध हो, तो आपदा के समय जनहानि और नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। तांदी पंचायत में सम्पन्न यह प्रशिक्षण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।











