सुरभि न्यूज़
बजौरा, कुल्लू
सांफिया फाउंडेशन द्वारा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बजौरा में “दिव्यांगता समावेशन एवं जागरूकता” विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को दिव्यांगता के प्रति संवेदनशील बनाना, समावेशी शिक्षा के महत्व को समझाना तथा दिव्यांग बच्चों के अधिकारों एवं उपलब्ध सरकारी सेवाओं की जानकारी प्रदान करना था।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं कार्यक्रम प्रबंधक बीजू हिमदल ने संस्था की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि सांफिया फाउंडेशन किस प्रकार दिव्यांग बच्चों के समग्र विकास के लिए शिक्षा, थैरेपी, परामर्श सेवाएं तथा सरकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि एक समावेशी समाज के निर्माण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान, समान अवसर और सहयोग का वातावरण प्रदान करना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से अपने विद्यालय एवं समुदाय में दिव्यांग व्यक्तियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया।
कार्यशाला के दौरान फिजियोथेरेपिस्ट अनु राणा ने विभिन्न प्रकार की दिव्यांगताओं, उनके प्रारंभिक लक्षणों, समय पर पहचान एवं हस्तक्षेप के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यालय एवं समुदाय स्तर पर समावेशी वातावरण विकसित करने के व्यावहारिक उपायों पर भी चर्चा की।
विद्यालय की प्रधानाचार्या कविता कपूर ने अपने संबोधन में कहा कि समावेशी शिक्षा केवल एक नीति नहीं बल्कि एक ऐसी सोच है, जो प्रत्येक बच्चे को उसकी क्षमताओं के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों में संवेदनशीलता, सहानुभूति और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सांफिया फाउंडेशन की टीम का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता एवं क्षमता-विकास कार्यक्रमों के आयोजन हेतु पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
कार्यशाला में लगभग 60 विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की। इस अवसर पर सांफिया फाउंडेशन की ओर से धनेश्वरी, इशानी शर्मा, टेकचंद तथा शिवाली मीमानसा भी उपस्थित रहे।











