सुरभि न्यूज़
सैंज / कुल्लू, 27 जून
एक तरफ जहां सरकारें हर घर जल और घर-घर नल का दावा करती हैं, वहीं जमीनी हकीकत इसके उलट नजर आ रही है। ग्राम पंचायत कनौन के सपागणी गांव में पिछले लगभग सात महीनों से पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। आलम यह है कि ग्रामीणों के घरों में लगे नलों से पिछले आधे साल से भी अधिक समय से एक बूंद पानी तक नहीं टपका है, जिससे पूरा गांव बूंद-बूंद पानी के लिए तरसने को मजबूर है।
स्थानीय ग्रामीणों गुड्डू, हरी सिंह, कर्ण दीप, गणेश, जोग राज व सेस राम का कहना है कि पानी न आने की वजह से उनकी दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है। पीने के पानी से लेकर कपड़े धोने और मवेशियों के लिए पानी का इंतजाम करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। कड़कड़ाती ठंड से लेकर अब भीषण गर्मी के इस मौसम में भी ग्रामीणों को दूर-दराज के प्राकृतिक स्रोतों या अन्य गांवों से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों से लेकर जनप्रशसकों तक सब जानते हैं, लेकिन हमारी सुध लेने वाला कोई नहीं है। नल सिर्फ शोपीस बनकर रह गए हैं। अगर जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो हमें मजबूरन कड़ा रुख अपनाना पड़ेगा।”
सपागणी गांव के लोगों में जल शक्ति विभाग और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ गहरा रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल खोखले आश्वासन ही मिलते हैं। विभाग की इस सुस्ती का खामियाजा बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को भुगतना पड़ रहा है, जिनका आधा समय सिर्फ पानी का इंतजाम करने में ही बीत जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनके लिए नई व्यवस्था नहीं होती है तब तक टैंक के पास कुछ पानी निकला है उसे टैंक में डालकर उनको सप्लाई दी जाए क्योंकि वहां कुछ ग्रामीणों द्वारा सिंचाई के लिए पाइपें लगाई है। उधर जल शक्ति विभाग जेई ओमप्रकाश ठाकुर से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि जहां पानी के लिए बोरवेल किया है वह सूख गया है शीघ्र ही उनके लिए नए वोरबेल कर इस समस्या का हल किया जाएगा।










