सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, कुल्लू : 12 अगस्त
फॉर्मर रजिस्ट्री (किसान पंजीकरण) योजना में आ रही विसंगतियों को दूर करने तथा किसानों को सरकारी योजनाओं का त्वरित व सीधा लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता कार्यवाहक उपायुक्त सुरजीत सिंह राठौर ने की।
एग्री स्टैक और हिम-भूमि पोर्टल की समीक्षा
बैठक के दौरान कार्यवाहक उपायुक्त ने एग्री स्टैक (Agri Stack) योजना और हिम-भूमि पोर्टल की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को विभिन्न व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ देने के लिए रणनीतिक स्थानों पर विशेष अभियान और शिविर आयोजित कर उन्हें ऑनबोर्ड किया जाए। इसके साथ ही, हिम-भूमि पोर्टल पर भूमि रिकॉर्ड्स का शत-प्रतिशत डिजिटलीकरण एवं अद्यतनीकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, ताकि नाम और राजस्व डेटा संबंधी विसंगतियों को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के आदेश
प्रशासनिक कार्यप्रणाली में तेजी लाने के उद्देश्य से उन्होंने निर्देश दिए कि पटवारी और कानूनगो की आईडी पर लंबित पड़े सभी मामलों (FR Cases) और स्वीकृतियों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण किया जाए। इसके अतिरिक्त, शेष राजस्व गांवों की बकेटिंग प्रक्रिया को समय पर पूरा करने के लिए अधिकार अभिलेख (RoR) डेटा में आवश्यक संशोधन और अद्यतन जानकारी राज्य स्तर पर बिना किसी विलंब के प्रेषित करने के आदेश दिए गए।
किसान आईडी से मिलेंगे केंद्र व राज्य की योजनाओं के लाभ
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि इस योजना के अंतर्गत किसानों की एक यूनिक ‘डिजिटल किसान आईडी’ तैयार की जाती है। यह आईडी किसानों की डिजिटल पहचान होगी, जिसमें जमीन का विवरण, फसल और अन्य कृषि संबंधी जानकारी दर्ज रहेगी। एक बार यह आईडी बनने के बाद पात्र किसान ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ सहित अन्य केंद्रीय व राज्य स्तरीय कृषि योजनाओं का लाभ आसानी से उठा सकेंगे।
ऑनलाइन व लोकमित्र केंद्रों पर निःशुल्क पंजीकरण की सुविधा
सुरजीत सिंह राठौर ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि जिन्होंने अभी तक एग्री स्टैक पोर्टल पर पंजीकरण नहीं करवाया है, वे जल्द से जल्द अपनी फॉर्मर रजिस्ट्री करवाएं। किसान एग्री स्टैक के आधिकारिक पोर्टल (https://hpfr.agristack.gov.in/farmer/exegistry-hp/#/) पर जाकर स्वयं ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं या अपने नजदीकी लोकमित्र केंद्र में जाकर निःशुल्क पंजीकरण करवा सकते हैं। पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेजों/विवरणों में पहचान/सत्यापन दस्तावेज, भूमि के दस्तावेज (खसरा/खतौनी नंबर) और ओटीपी प्राप्ति के लिए मोबाइल नंबर शामिल हैं। बैठक में कृषि विभाग की उपनिदेशक ऋतु गुप्ता सहित बागवानी और राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।







