Listen to this article
सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, केलांग : 13 अगस्त
जिला कल्याण अधिकारी मनीष राय ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री सहारा योजना का संचालन एवं क्रियान्वयन अब सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग हिमाचल प्रदेश द्वारा किया जा रहा है। इस योजना का उद्वेश्य आर्थिक रूप् से कमजोर वर्ग के ऐसे गंभीर एवं दीर्घकालिक बीमारियों से ग्रसित मरीजों का वितीय सहायता प्रदान करना है, जिन्हें लंबे समय तक उपचार की आवश्यकता होती है।
उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत निम्नलिक्षित श्रेणी की बीमारी से ग्रसित मरीज आवेदन करने के पात्र है, जैसे कि पार्किंसन रोग, मैलिग्नेंट कैंसर, स्थायी दिव्यांगता के साथ लकवा से पीड़ित एवं दीर्घकालिक उपचाराधीन अथव शय्याग्रस्त मरीज, मस्कुलन डिसट्रॉफी, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया, तीव्र अथवा दीर्घकालिक गुर्दा विफ, लता से ग्रसित मरीज, ऐसी अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति, जिसके कारण वह स्थायी रूप से कार्य करने में असमर्थ हो गया हो।
उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा मुख्यमंत्री सहारा योजना के अंतर्गत जिला लाहौल एवं स्पीति के 11 पात्र, आधार सत्यापित सक्रिय लाभार्थियों को ही अप्रैल से जून 2026 तक कि अवधि की वित्तीय सहायता राशि जारी की है। साथ ही उन्होंने बताया कि हिमाचल सरकार द्वारा मुख्यमंत्री सहारा योजना की आवेदन से भुगतान तक की प्रक्रिया का डिजिटाईजेशन कर सम्पूर्ण प्रक्रिया के संचालन को आधुनिकीकरण करने हेतु एक नया आूनलाइन डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है ताकि आवेदकों को सभी योजनाओं का लाभ्ज्ञ एक ही सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन प्राप्त हो सके, तथा उनके समय एवं खर्च की बचत सुनिश्चित की जा सके।
इसके अतिरक्त जिन आवेदकों/ लाभार्थियों के आवेदन हि.प्र. राष्ट्रीयष्बीमा सोसाईटी द्वारा लम्बित रखे गए थे उन्हें भी सहायता राशि के लिए पुनः आवेदन करना होगा।
उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में इच्छुक/लम्बित आवेदकों से अपील की जाती है कि सभी आवेदन ऑनलाइन माध्यम https://himparivar.hp.gov.in/ ekalyan से या नज़दीकी लोकमित्र केंद्र से करें। आंगनबाडी कार्यकर्ता लाभार्थियों के पहचान/सत्यापन और प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं को पूरा करने में आवश्यक सहायता करेंगी। इस संदर्भ में अधिक जानकारी हेतु आवेदक/ परिचारक संबंधित जिला कल्याण अधिकारी व तहसील कल्याण अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।






