मंत्री राजेश धर्माणी की पहल से शैक्षणिक भ्रमण पर लाहौल-स्पीति पहुंचे बिलासपुर के विद्यार्थी, उपायुक्त से की भेंट

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सुरभि न्यूज़
केलांग, 27 जून
हिमाचल प्रदेश सरकार में नगर एवं ग्राम नियोजन, तकनीकी शिक्षा तथा व्यावसायिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी की विशेष पहल पर राजकीय उच्च विद्यालय तियून खास, जिला बिलासपुर के विद्यार्थियों का एक दल इन दिनों शैक्षणिक एवं अनुभवात्मक भ्रमण पर लाहौल-स्पीति जिले के दौरे पर पहुंचे है। विद्यार्थियों ने उपायुक्त कार्यालय, केलांग में उपायुक्त लाहौल-स्पीति किरण भड़ाना से शिष्टाचार भेंट की।
मंत्री राजेश धर्माणी द्वारा शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़ना है। इसके तहत विद्यार्थियों को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों की संस्कृति, परंपराओं, भौगोलिक विविधताओं, प्राकृतिक सौंदर्य तथा जनजातीय जीवन शैली को नजदीक से जानने और समझने का अवसर प्रदान किया जा रहा है।
राजेश धर्माणी का मानना है कि शिक्षा केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों को नए स्थानों का भ्रमण कर वहां के लोगों से मिलने, उनकी जीवन शैली को समझने तथा प्रत्यक्ष अनुभवों से सीखने का अवसर भी मिलना चाहिए। इसी सोच के अनुरूप विद्यार्थियों को लाहौल-स्पीति जैसे विशिष्ट जनजातीय जिले के भ्रमण का अवसर प्रदान किया गया है, ताकि वे यहां की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक परिदृश्य और स्थानीय जीवन के विविध आयामों को करीब से देख सकें।
उपायुक्त किरण भड़ाना ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उनकी पढ़ाई, रुचियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विद्यार्थियों को इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमणों का भरपूर लाभ उठाने और प्रत्येक अनुभव से कुछ नया सीखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे भ्रमण विद्यार्थियों के ज्ञान, व्यक्तित्व और सोच के दायरे को विस्तृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उपायुक्त ने विद्यार्थियों को जीवन में उच्च लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें प्राप्त करने के लिए निरंतर परिश्रम करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों और संस्कृतियों को समझने से विद्यार्थियों में व्यापक दृष्टिकोण विकसित होता है, जो उनके भविष्य के निर्माण में सहायक सिद्ध होता है।
विद्यार्थियों ने भी इस अवसर पर अपने अनुभव साझा किए तथा लाहौल-स्पीति की प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति और यहां के लोगों के आतिथ्य की सराहना की। उन्होंने राजेश धर्माणी द्वारा उपलब्ध करवाए गए इस शैक्षणिक अवसर के लिए आभार व्यक्त किया।

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