Listen to this article

सुरभि न्यूज़

ख़ुशी राम ठाकुर, बरोट –

जिला कांगड़ा की छोटाभंगाल तथा जिला मंडी की चौहार घाटी को जोड़ने वाला 25 किलोमीटर बरोट- घटासनी मुख्य सड़क मार्ग को लगभग चार वर्ष पूर्व पक्का करने के साथ चौड़ा किया गया है। मगर वर्तमान में इस सड़क मार्ग की लगभग दयनीय हालत हो गई है क्योंकि सर्दी के मौसम में मशीनों द्वारा बर्फ को हटाने व बरसात के मौसम में जगह – जगह गिरे हुए डंगो का पुनर्निर्माण करने व सड़क मार्ग पर गिरे ल्हासे को मशीनों द्वारा हटाने के दौरान उन स्थानों पर गहरे गड्डे बन गए हैं जो कि हादसों को न्यौता दे रहे हैं । इसके साथ – साथ गत चार पांच वर्ष पूर्व इस सड़क मार्ग के बीच दुर्घटना से बचने के लिए सडक मार्ग के किनारे  रेलिंग को भी लगा दिया गया है मगर वह रेलिंग भी बहुत कम स्थानों पर ही लगाई हुई है जिस कारण इस सड़क मार्ग के बीच अधिकाँश स्थानों पर रेलिंग लगाने का कार्य भी अभी शेष बच गया है वहीँ छोटाभंगाल घाटीवासियों की मांग पर मुल्थान – बड़ा ग्रां सोलह किलोमीटर मुल्थान सडक मार्ग के बीच भी मुल्थान से लगभग दस किलीमीटर दूर मात्र गली नामक स्थान पर खतरनाक भाग में रेलिंग का कार्य हुआ है मगर अभी भी अधिकांश स्थानों पर रेलिंग लगाने का कार्य शेष बचा हुआ है वहीँ मुल्थान – लोहारडी छः किलोमीटर सड़क मार्ग के बीच तो एक भी स्थान पर रेलिंग का कार्य नहीं हो पाया है इन सड़क मार्गों सभी खतरनाक स्थानों पर रेलिंग का कार्य करना बेहद आवश्यक है । प्राप्त जानकारी के छोटाभंगाल घाटी के समाजसेवक धर्मचन्द ठाकुर ने बताया कि इस सड़क मार्ग के बीच  रेलिंग का कार्य न होने के चलते इन दुर्गम सड़क मार्गों में गत लगभग दस दशकों के बीच वाहन चलाते समय कई चालक व यात्री दुर्घटनाओं से बे मौत मर गए तथा कई घायल होकर अपंगता का दंश झेलने को मजबूर हो गए हैं । जानकारी के अनुसार बरोट – घटासनी सड़क मार्ग के बीच वर्ष 1995 में एक नीजी बस दुर्घटना के दौरान 26 यात्री, वर्ष 2002 एक महिन्द्रा के पलटने से चालक की मौत हो गई थी । वर्ष 2008 में एक जीप में सवार चालक सहित तीन लोग , वर्ष 2013 में एक जीप में बैठी दो महिलाएं , वर्ष 2014 में जीप चालक बेमौत मारा गया तथा वर्ष 2016 फार्चून गाड़ी गहरी खाई में गिर जाने से चालक सहित उस पर बैठे तीन अन्य नौजवानों ने अपनी जान गंवाई है वहीँ 2022 में निजी गाडी में सवार चालक की मौत हो गई चुकी है तथा इस दुर्घटनाओ के दौरान व वर्ष 1995 से पूर्व आजतक कई छोटे – छोटे हादसे भी हो चुके हैं । धर्मचन्द ने बताया कि इन सड़क मार्गो पर लगाए है पैरापिट की मुरम्मत करने के साथ – साथ जरूरत वाले स्थानों पर रेलिंग का कार्य किया जाए ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *