सुरभि न्यूज़
ख़ुशी राम ठाकुर, बरोट –
जिला कांगड़ा के छोटाभंगाल तथा जिला मंडी की चौहार घाटी को जोड़ने वाला 25 किलोमीटर बरोट- घटासनी मुख्य सड़क मार्ग को लगभग चार वर्ष पूर्व पक्का करने के साथ चौड़ा किया गया है। मगर वर्तमान में इस सड़क मार्ग की लगभग दयनीय हालत हो गई है। सर्दी व बरसात के मौसम में मशीनों से कार्य करने से सड़क पर गहरे गड्डे बन गए हैं जो कि हादसों को न्यौता दे रहे हैं। इसके साथ सडक के किनारे रेलिंग बहुत कम स्थानों पर लगाई है।
छोटाभंगाल वासियों की मांग पर मुल्थान – बड़ा ग्रां सडक मार्ग के बीच मुल्थान से लगभग दस किलीमीटर दूर गली नामक स्थान पर रेलिंग का कार्य हुआ है मगर कई दुर्घटना संभावित स्थानों पर रेलिंग लगाने का कार्य नहीं हुआ है। वहीँ मुल्थान – लोहारडी छः किलोमीटर सड़क मार्ग के बीच अभी तक रेलिंग का कार्य हुआ ही नहीं है।
समाजसेवक धर्मचन्द ठाकुर ने बताया कि सड़क के किनारों पर रेलिंग न होने के चलते कई चालक व यात्री दुर्घटना का शिकार हो कर बे मौत मारे गए तथा कई घायल होकर अपंगता का दंश झेलने को मजबूर हैं।
जानकारी के अनुसार बरोट – घटासनी सड़क मार्ग के बीच बोचिंग में वर्ष 1995 में एक नीजी बस दुर्घटना के दौरान 26 यात्री मारे गए व कई घायल हुए। वर्ष 2002 एक महिन्द्रा के पलटने से चालक की मौत हो गई थी। वर्ष 2008 में एक जीप में सवार चालक सहित तीन लोग मारे गए। वर्ष 2013 में एक जीप में बैठी दो महिलाएं तथा वर्ष 2014 में जीप चालक बेमौत मारा गया। वर्ष 2016 फार्चून गाड़ी गहरी खाई में गिर जाने से चालक सहित उस पर बैठे तीन अन्य नौजवानों ने अपनी जान गंवाई है वहीँ 2022 में निजी गाडी में सवार चालक की मौत हो गई चुकी है।
इन दुर्घटनाओ में आजतक कई छोटे – छोटे हादसे हो चुके हैं। धर्मचन्द ने बताया कि सड़क किनारे लगाए गए पैरापिट की मुरम्मत करने के साथ दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में रेलिंग का कार्य किया जाए ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।











