जनसुरक्षा सर्वोपरि : श्रीखंड महादेव यात्रा-2026 अगली सूचना तक स्थगित

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सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, कुल्लू
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन कुल्लू ने श्रीखंड महादेव यात्रा-2026 को अगली सूचना तक स्थगित करने का निर्णय लिया है। जिला दंडाधिकारी एवं उपायुक्त कुल्लू अनुराग चंद्र शर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी करते हुए यह निर्णय संयुक्त विशेषज्ञ निरीक्षण दल की रिपोर्ट और संभावित प्राकृतिक आपदाओं के खतरे को देखते हुए लिया है।
जिला प्रशासन के अनुसार एबीवीआईएमएएस मनाली, राजस्व विभाग तथा वन विभाग के विशेषज्ञों के संयुक्त दल ने यात्रा मार्ग का विस्तृत निरीक्षण किया। 8 जून, 2026 को प्रस्तुत रिपोर्ट में भीमद्वारी से पार्वती बाग तक के मार्ग को अत्यधिक खतरनाक एवं असुरक्षित करार देते हुए इस मार्ग का उपयोग नहीं करने की सिफारिश की गई थी।
इसके उपरांत प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग की संभावनाओं का भी गहन परीक्षण करवाया। 18 जून को प्रस्तुत रिपोर्ट में बताया गया कि मौजूदा तथा प्रस्तावित दोनों मार्ग तीव्र ढलानों, ढीली एवं अस्थिर मिट्टी, संकरे और फिसलन भरे रास्तों तथा अनेक नालों से होकर गुजरते हैं। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि इन मार्गों पर भूस्खलन, चट्टानें गिरने, अचानक बाढ़ तथा मलबा आने जैसी प्राकृतिक आपदाओं का गंभीर खतरा बना हुआ है, जिससे यात्रा संचालन सुरक्षित नहीं है।
संयुक्त निरीक्षण दल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वर्तमान परिस्थितियों में श्रीखंड महादेव यात्रा आयोजित करना उचित नहीं है। भीमद्वारी और पार्वती बाग के बीच किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव अभियान चलाना अत्यंत कठिन होगा। इसके अलावा इस क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने, फ्लैश फ्लड और मलबा आने की आशंका अधिक है तथा नालों के आसपास की ढीली और खोखली होती भूमि के कारण अस्थायी रोपिंग अथवा अन्य संरचनाएं बनाना भी सुरक्षित नहीं है।
जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार श्रीखंड महादेव यात्रा-2026 अगली सूचना तक स्थगित रहेगी। यात्रा के लिए स्थापित सभी अस्थायी शिविर, टेंट, राशन दुकानें तथा अन्य ढांचों को आदेश जारी होने की तिथि से तीन दिनों के भीतर हटाना होगा। पुलिस अधीक्षक कुल्लू, उपमंडलाधिकारी निरमंड तथा लूहरी वन प्रभाग के प्रभागीय वन अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी व्यक्ति प्रतिबंधित यात्रा मार्ग में प्रवेश न करे तथा आदेश का कड़ाई से पालन कराया जाए। आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता एवं अन्य लागू कानूनों के तहत दंडनीय होगा।

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