सुरभि न्यूज़
निरमंड / कुल्लू, 5 जुलाई
जिला कुल्लू के निरमंड से संबंध रखने वाले प्रख्यात साहित्यकार एवं शिक्षाविद् रवि शर्मा द्वारा लिखित काव्य संग्रह “मेरी कलम के बोल” का विमोचन उपमंडल अधिकारी नागरिक निरमंड डॉ जगदीप सिंह कंवर ने किया। सादे और गरिमापूर्ण समारोह में उपमंडल अधिकारी निरमंड डॉ जगदीश सिंह कंवर ने रवि शर्मा द्वारा लिखी मेरी कलम के बोल पुस्तक लेखन पर बधाई दी है । पुस्तक का केवल प्रिटिंग ही अच्छी है बल्कि इसमें सम्मिलित समग्री भी स्तरीय है । डॉ कवर ने रवि शर्मा के इस तरह के कार्य के लिए उनकी प्रशंसा भी की।
कंवर ने कहा कि हमें अपने व्यस्त समय से कुछ समय निकाल कर अपने शौक को पूरा करने के लिए इस तरह के प्रयास करने चाहिए। अब ये पुस्तक पढ़ने के लिए साहित्य प्रेमियों और पाठकों के लिए उपलब्ध होगी।इस काव्य संग्रह को लेकर साहित्य जगत में उत्सुकता बनी हुई थी ।
रवि शर्मा ने बताया कि पुस्तक में समाज के विभिन्न पहलुओं को कविताओं के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। इसमें देशभक्ति, देशसेवा, सैनिकों के जीवन, पारिवारिक रिश्तों, परीक्षा, पुलवामा हमला , तिरंगा झंडा, सहित सामाजिक सरोकारों से जुड़े अनेक विषयों को शामिल किया गया है। पुस्तक में लेखक ने अपने अनुभवों और विचारों को भी कविता के रूप में अभिव्यक्त किया है।
उन्होंने विश्वास जताया कि यह काव्य संग्रह पाठकों और साहित्यकारों को जरूर पसंद आएगी। “मेरी कलम के बोल” रवि शर्मा की पहली प्रकाशित कविता संग्रह पुस्तक है, जिसे राजा राममोहन राय लाइब्रेरी फाउंडेशन, कोलकाता द्वारा आईएसबीएन नंबर भी आवंटित किया गया है।
रवि शर्मा ने अपनी इस पुस्तक को अपने पिता स्वर्गीय मूल राज शर्मा की स्मृति को समर्पित किया है, जो स्वयं भी उच्च कोटि के लेखक थे। पुस्तक में लगभग 55 कविताओं को स्थान दिया गया है।
वर्तमान में रवि शर्मा शिक्षा विभाग में प्रवक्ता के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। लेखन और साहित्य से उनका गहरा नाता रहा है। शिक्षा विभाग में आने से पूर्व उन्होंने करीब 25 वर्षों तक प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पत्रकारिता की है। साहित्य, पत्रकारिता और शिक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें विभिन्न मंचों पर सम्मानित भी किया जा चुका है।
उन्हें लिखने के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार भी मिले हैं शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य के लिए उपमंडल अधिकारी निरमंड द्वारा उन्हें गणतंत्र दिवस पर भी सम्मानित किया जा चुका है।












