केलांग, 18 जुलाई
जिला लाहौल एवं स्पीति में केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आज उपायुक्त कार्यालय के सम्मेलन कक्ष, केलांग में उपायुक्त किरण भड़ाना की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिले के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित केंद्र प्रायोजित योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों से योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने तथा विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचाना सभी विभागों की प्राथमिकता होनी चाहिए।
धरती आभा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DAJGUA) के अंतर्गत जिला लाहौल-स्पीति में जनजातीय क्षेत्रों के समग्र एवं सतत विकास के लिए विभिन्न विभागों के माध्यम से विकासात्मक योजनाओं एवं परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। अभियान के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, पर्यटन, वन, खेल, आधारभूत संरचना एवं कौशल विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम,संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत अनुदान तथा अन्य योजनाओं के माध्यम से जिले में अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। शिक्षा क्षेत्र में विद्यालयों के सौर ऊर्जीकरण का कार्य स्वीकृत किया गया है, जबकि स्वास्थ्य संस्थानों में ऑफ-ग्रिड सोलर पावर प्लांट स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
जनजातीय क्षेत्रों में खेल एवं साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिस्पा स्थित माउंटेनियरिंग सब सेंटर में खेल एवं पर्वतारोहण बचाव उपकरणों की खरीद, छात्रावास भवन निर्माण तथा स्पोर्ट्स क्लाइम्बिंग वॉल जैसी परियोजनाओं पर कार्य जारी है। इसके अतिरिक्त काजा में हाई एल्टीट्यूड स्पोर्ट्स ट्रेनिंग सेंटर एवं आइस हॉकी रिंग के निर्माण की दिशा में भी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
पेयजल एवं स्वच्छता क्षेत्र में जिला लाहौल-स्पीति के विभिन्न क्षेत्रों के लिए शीतकालीन जल आपूर्ति योजनाओं, सीवरेज योजनाओं तथा जल आपूर्ति सुदृढ़ीकरण से संबंधित परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। गोन्धला क्षेत्र के लिए शीतकालीन जल आपूर्ति योजना का कार्य प्रगति पर है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए उदयपुर में सिविल अस्पताल भवन निर्माण कार्य तथा स्वास्थ्य संस्थानों में सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना जैसी परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से विभिन्न पंचायतों में आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण को भी गति दी जा रही है।
पर्यटन एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर, पर्यटक सूचना केंद्र एवं ट्रैकर्स हट्स-कम-फॉरेस्ट प्रोड्यूस वैल्यू एडिशन सेंटर जैसी परियोजनाएं प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन हैं। इसके साथ ही जनजातीय क्षेत्रों में होमस्टे विकास, ईको-डेवलपमेंट तथा स्थानीय उत्पादों के संवर्धन से संबंधित योजनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है।
अभियान के तहत भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सामुदायिक भवन, कौशल विकास केंद्र एवं जनजातीय हस्तशिल्प बिक्री केंद्र, स्मार्ट कक्षाएं, अमृत सरोवर, जल संरक्षण योजनाएं तथा ग्रामीण संपर्क मार्गों से संबंधित कई नई परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं।
उपायुक्त ने विभिन्न विभागों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल देते हुए कहा कि योजनाओं के कार्यान्वयन में आने वाली समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
इस बैठक में परियोजना अधिकारी अश्वनी कुमार, जिला वन अधिकारी इंद्रजीत सीरा, अधिशाषि अभियंता जल शक्ति विभाग अजय गुप्ता,अधिशाषि अभियंता बिजली विभाग सूर्यकांत शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी एम के गाँधी, सहायक पंजियक ( coperative societies) अखिल ठाकुर, जिला कृषि अधिकारी चौधरी राम,उपनिदेशक पशुपालन डॉ सुदर्शन,जिला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस) संजय डोगरा, उप निदेशक शिक्षा प्रशांत कुमार, जिला सूचना अधिकारी संदीप कुमार, सहित अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित रहे।











