सुरभि न्यूज़
कुल्लू, 18 जुलाई
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एवं किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश महामंत्री अखिलेश कपूर ने एमआईएस के तहत सेब उत्पादकों के लंबित भुगतान को लेकर प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बागवानों का 250 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान लंबित है और सरकार केवल 45 करोड़ रुपये जारी करके बड़ी उपलब्धि का ढिंढोरा पीट रही है।
अखिलेश कपूर ने कहा कि प्रदेश के बागवान पिछले चार वर्षों से अपनी मेहनत की कमाई के लिए सरकार का इंतजार कर रहे हैं। वर्ष 2022, 2023, 2024 और 2025 के भुगतान लंबित रहना इस बात का प्रमाण है कि कांग्रेस सरकार बागवानों की समस्याओं को लेकर कितनी गंभीर है।
उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जब बागवानों का कुल बकाया 250 करोड़ रुपये से अधिक है, तो केवल 45 करोड़ रुपये जारी करने के बाद बाकी राशि का भुगतान कब किया जाएगा। सरकार बागवानों को उनके पूरे पैसे के लिए अगले कई वर्षों तक इंतजार करवाना चाहती है।
भाजपा नेता ने कहा कि बागवानों को समय पर भुगतान देना सरकार की जिम्मेदारी है, कोई एहसान नहीं। सेब उत्पादक अपनी फसल तैयार करने में महीनों की मेहनत और लाखों रुपये खर्च करते हैं। जब उनकी उपज सरकार के माध्यम से खरीदी जाती है, तो उसका भुगतान समय पर मिलना चाहिए। लेकिन कांग्रेस सरकार भुगतान रोककर प्रदेश के बागवानों को आर्थिक संकट में धकेल रही है।
अखिलेश कपूर ने कहा कि सरकार नई वेबसाइट, मोबाइल ऐप और ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च कर डिजिटल व्यवस्था की बातें कर रही है, लेकिन बागवानों को ऐप नहीं, उनके खाते में पैसा चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक लंबित भुगतान नहीं होता, तब तक ऐसी घोषणाएं केवल कागजों और प्रचार तक सीमित रहेंगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार हर बार नई घोषणा करके बागवानों को राहत देने का दावा करती है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि बागवान आज भी अपने भुगतान के लिए सरकार के दरवाजे पर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि 45 करोड़ रुपये जारी करना 250 करोड़ रुपये से अधिक के बकाये का समाधान नहीं, बल्कि बागवानों की समस्या को टालने का प्रयास है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने हिमाचल में कृषि और बागवानी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सड़क, सिंचाई, कोल्ड स्टोरेज, कृषि अवसंरचना और किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से लगातार सहयोग दिया है। लेकिन प्रदेश सरकार उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने और बागवानों को समय पर राहत देने में विफल रही है।
उन्होंने कहा कि सेब हिमाचल की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और लाखों परिवारों की रोजी-रोटी इससे जुड़ी है। इसलिए सरकार को बागवानों के साथ घोषणाओं का खेल बंद कर एमआईएस के तहत पूरा लंबित भुगतान तत्काल जारी करना चाहिए।
अखिलेश कपूर ने मांग की कि सरकार बागवानों के पूरे बकाये का स्पष्ट समयबद्ध भुगतान कार्यक्रम जारी करे और भविष्य में एमआईएस के तहत खरीदी गई फसल का भुगतान तय समय सीमा के भीतर सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि बागवानों को अपनी मेहनत की कमाई के लिए सरकार के सामने बार-बार गुहार लगाने की नौबत नहीं आनी चाहिए।











