कुल्लू में शील्ड ट्रस्ट और कुल्लू साइंस स्कूल ने मिलकर चलाया पौधरोपण अभियान

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सुरभि न्यूज़
कुल्लू, 27 सितंबर
कुल्लू में शील्ड ट्रस्ट (Safeguarding Himachal’s Integrity, Environment, Landmarks & Dignity) ने “ग्रीन टुडे | ग्रीनर टुमॉरो” थीम के तहत कुल्लू साइंस स्कूल, बाशिंग के सहयोग से पौधरोपण अभियान आयोजित किया। इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना रहा।
अभियान में स्कूल के विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी की। इस दौरान स्कूल परिसर में देवदार (शंकुधारी) प्रजाति के 10 पौधे रोपे गए। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों और शिक्षकों को अपने घरों के आसपास पौधरोपण के लिए भी पौधे वितरित किए गए, ताकि पर्यावरण संरक्षण का संदेश स्कूल परिसर से आगे समुदाय तक पहुंच सके।
अभियान को कुल्लू वन विभाग का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। विभाग की ओर से पौधे उपलब्ध करवाने के साथ-साथ पौधरोपण के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। शील्ड ट्रस्ट ने कुल्लू वन विभाग, विशेष रूप से डीएफओ और रेंज ऑफिसर (आरओ), के सहयोग एवं मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया।
कुल्लू साइंस स्कूल की प्रधानाचार्य इंदु भारद्वाज ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पौधरोपण केवल शुरुआत है और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल एवं सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
शील्ड ट्रस्ट की अध्यक्ष रितांजलि हस्तीर ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल युवाओं को हिमाचल की प्राकृतिक धरोहर के सक्रिय संरक्षण के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
शील्ड ट्रस्ट ने स्कूल प्रबंधन का विशेष आभार व्यक्त किया, जिसने ट्रस्ट के पौधरोपण प्रस्ताव को स्वीकार कर इस पहल को सहयोग और मंच प्रदान किया। ट्रस्ट ने स्कूल के शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा सभी स्वयंसेवकों के योगदान के लिए भी धन्यवाद व्यक्त किया, जिनकी सक्रिय भागीदारी से अभियान सफल हुआ।
कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का संकल्प लिया। शील्ड ट्रस्ट के सचिव डॉ. योगेश भारद्वाज ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए अभियान से जुड़े सभी लोगों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि अभियान की वास्तविक सफलता लगाए गए पौधों की संख्या से नहीं, बल्कि उनके जीवित रहने, बढ़ने और लंबे समय तक संरक्षण से तय होगी।
ट्रस्ट ने कहा कि शील्ड भविष्य में भी हिमाचल प्रदेश के पर्यावरण, प्राकृतिक संसाधनों और विरासत के संरक्षण के लिए युवाओं तथा समुदाय की भागीदारी को बढ़ावा देने वाली पहलों को जारी रखेगा।

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