सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, शिमला : 25 सितंबर
ऐतिहासिक गेयटी हेरिटेज कल्चरल कॉम्प्लेक्स शिमला में 12वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ शिमला (IFFS) का शुक्रवार को भव्य शुभारंभ हुआ। तीन दिवसीय फिल्म महोत्सव का उद्घाटन हिमाचल प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं भाषा, कला एवं संस्कृति मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने किया। महोत्सव में भारत सहित दुनिया के 33 देशों और 15 भारतीय राज्यों की फिल्मों की भागीदारी ने शिमला को वैश्विक सिनेमा के मंच में बदल दिया।
महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर प्रसिद्ध अभिनेता मनोज जोशी, अभिनेता शारिब हाशमी तथा फिल्म निर्देशक एवं लेखक अमित राय प्रमुख आकर्षण रहे। इन फिल्मी हस्तियों ने अलग-अलग सत्रों में दर्शकों, विद्यार्थियों और उभरते फिल्मकारों के साथ संवाद किया तथा अपने अनुभव साझा किए।
फिल्म फेस्टिवल की शुरुआत अजरबैजान की शॉर्ट फिल्म ‘लल्लाबाय’ से हुई। अयान मामादोवा के निर्देशन में बनी यह फिल्म कराबाख संघर्ष की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म युद्ध की विभीषिका के बीच मोर्चे पर अचानक आमना-सामना होने वाले दो सैनिकों की कहानी को सामने लाती है, जो परिस्थितियों के कारण एक अप्रत्याशित गठबंधन बनाने के लिए मजबूर होते हैं। फिल्म की स्क्रीनिंग के बाद इसके निर्माता ने दर्शकों के साथ संवाद किया।
उद्घाटन दिवस का प्रमुख आकर्षण प्रसिद्ध अभिनेता मनोज जोशी के साथ विशेष इंटरैक्टिव सत्र रहा। उन्होंने भारतीय सिनेमा में अपने सफर, अभिनय की बारीकियों और अभिनय-कला से जुड़े अपने अनुभव दर्शकों के साथ साझा किए। सत्र में युवा फिल्मकारों, विद्यार्थियों और सिनेमा प्रेमियों को वरिष्ठ अभिनेता से सीधे सवाल करने और उनके अनुभवों को समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम का संचालन आउटलुक के वरिष्ठ पत्रकार अश्वनी शर्मा ने किया।
फिल्म फेस्टिवल के पहले दिन अभिनेता शारिब हाशमी के साथ भी विशेष संवाद सत्र आयोजित किया गया। हाशमी ने अपने अभिनय सफर, फिल्मों और डिजिटल मनोरंजन के क्षेत्र में काम करने के अनुभव तथा भारतीय सिनेमा में आ रहे बदलावों पर चर्चा की। उन्होंने दर्शकों के सवालों के जवाब भी दिए। इस सत्र का संचालन प्रसिद्ध पत्रकार, फिल्म एवं कला समीक्षक तथा लेखिका नोनिका सिंह ने किया। युवा दर्शकों और सिनेमा प्रेमियों की भागीदारी से यह सत्र काफी संवादात्मक रहा।
उद्घाटन दिवस पर कॉन्फ्रेंस हॉल में डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माण को लेकर विशेष मास्टरक्लास का आयोजन भी किया गया। इसमें उभरते फिल्मकारों और प्रतिभागियों को डॉक्यूमेंट्री निर्माण के विभिन्न दृष्टिकोणों को समझने का अवसर मिला। मास्टरक्लास के साथ डॉक्यूमेंट्री फिल्मों की स्क्रीनिंग भी की गई। इस दौरान कहानी कहने की कला, दृश्य अभिव्यक्ति तथा समाज और मानवीय अनुभवों को सिनेमा के माध्यम से प्रस्तुत करने जैसे विषयों पर चर्चा को बढ़ावा दिया गया।
फेस्टिवल के पहले दिन गेयटी कल्चरल कॉम्प्लेक्स के MP Theatre और Gothic Theatre में फीचर फिल्म, शॉर्ट फिल्म, डॉक्यूमेंट्री और एनीमेशन फिल्मों की विस्तृत श्रृंखला प्रदर्शित की गई।
उद्घाटन दिवस पर ‘मानिआ इंस्ट्रूमेंट’, ‘दादू की कहानियां’, ‘रास्पबेरी सोर्बेट’, ‘सेल्फ असेसमेंट’ और ‘द एवरेस्ट ड्रीम’ सहित कई भारतीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्मों की स्क्रीनिंग हुई।
फेस्टिवल के आधिकारिक कार्यक्रम में ईरान, बुल्गारिया, अजरबैजान, पोलैंड, नेपाल, पुर्तगाल, यूक्रेन, भूटान, कनाडा, मैक्सिको, दक्षिण कोरिया और भारत सहित विभिन्न देशों की फिल्मों को शामिल किया गया है।
संवाद और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का मंच बना फेस्टिवल
इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ शिमला केवल फिल्मों की स्क्रीनिंग तक सीमित नहीं है। यह फिल्मकारों, कलाकारों, विद्यार्थियों और दर्शकों के बीच संवाद, सीखने, नेटवर्किंग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का मंच भी बन रहा है।
पूरे दिन फेस्टिवल परिसर में विद्यार्थियों, उभरते फिल्मकारों, सिनेमा प्रेमियों और देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रतिनिधियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। स्थापित फिल्मी हस्तियों के साथ संवाद से युवा प्रतिभागियों को फिल्म उद्योग के अनुभवी पेशेवरों से सीधे सीखने का अवसर मिला।
फेस्टिवल डायरेक्टर पुष्प राज ठाकुर ने कहा कि उद्घाटन दिवस पर मिली प्रतिक्रिया हिमाचल प्रदेश में स्वतंत्र और अंतरराष्ट्रीय सिनेमा के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि 33 देशों और 15 भारतीय राज्यों के फिल्मकारों और फिल्मों की भागीदारी ने इस संस्करण को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक स्वरूप प्रदान किया है।
तीन दिवसीय फिल्म फेस्टिवल 26 और 27 सितंबर को भी जारी रहेगा। इन दिनों विभिन्न फिल्मों की स्क्रीनिंग के साथ मास्टरक्लास और फिल्मकार-दर्शक संवाद आयोजित किए जाएंगे।
26 सितंबर को फिल्म निर्देशक एवं लेखक अमित राय के साथ विशेष इंटरैक्टिव सत्र आयोजित होगा। अमित राय फिल्म ओएमजी-2 के निर्देशक एवं लेखक हैं। इसके अलावा गेयटी कल्चरल कॉम्प्लेक्स में भारतीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्मों की स्क्रीनिंग का सिलसिला भी जारी रहेगा।
12वां इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ शिमला सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार; भाषा एवं संस्कृति विभाग, हिमाचल प्रदेश सरकार तथा हिमालयन वेलोसिटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।









