छोटा भंगाल : गढ़ के जंगलों में आसमानी बिजली का कहर, 45 भेड़-बकरियां काल के गाल में समाई, लाखों का नुकसान

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सुरभि न्यूज़ 

ख़ुशी राम ठाकुर, बरोट 

छोटा भंगाल घाटी और चौहार घाटी में रविवार को मौसम के बिगड़े मिजाज ने भारी तबाही मचाई। घाटी में गर्जना के साथ हुई बारिश और बर्फबारी के बीच आसमानी बिजली गिरने की एक दर्दनाक घटना सामने आई है। लोअई पंचायत के नपहौता गाँव से करीब तीन किलोमीटर दूर ‘गढ़’ नामक जंगल में आकाशीय बिजली गिरने से तीन भेड़पालकों की 45 भेड़-बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में पीड़ितों को लगभग चार लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, लोहारडी क्षेत्र के तीन भेड़पालक गढ़ जंगल में संयुक्त रूप से डेरा जमाकर अपनी भेड़-बकरियों को चरा रहे थे। रविवार को जब अचानक बिजली गिरी, तो उसकी चपेट में आने से बेजुबान मवेशियों की तड़प-तड़पकर मौत हो गई। हालांकि, गनीमत यह रही कि मौके पर मौजूद भेड़पालक रोशन लाल, उनकी पत्नी तथा संजय कुमार इस भयावह हादसे में पूरी तरह सुरक्षित बच गए।

घटना की सूचना तुरंत लोअई पंचायत की प्रधान नवनीता देवी को दी गई, जिन्होंने बिना देरी किए राजस्व विभाग और पशु चिकित्सा अधिकारी लोहारडी को सूचित किया। सूचना मिलते ही प्रशासनिक व विभागीय टीम मौके के लिए रवाना हुई। नुकसान का आकलन करने वाली टीम में राजस्व विभाग के पटवारी रणवीर सिंह, पशु चिकित्सालय लोहारडी: फार्मासिस्ट रमेश कुमार, केवल सिंह, सुरजीत सिंह व चौकीदार केशव कुमार तथा जनप्रतिनिधि लोअई पंचायत प्रधान नवनीता देवी एवं पोलिंग पंचायत के उपप्रधान प्रेम चंद मौके पर पहुंचे।

टीम द्वारा किए गए निरीक्षण के अनुसार कुल 45 भेड़-बकरियों की मौत की पुष्टि हुई है जिसमें भेडपालक रोशन लाल गाँव नपहौता की 14 बकरियां, संजय कुमार गाँव खडी मलाह की 22 भेड़ें और 3 बकरियां तथा सीता राम की गाँव रोपडू गनाव 6 बकरियां की मौत हुई है।प्रशासनिक टीम के अनुसार इस घटना में तीनों पीड़ित भेड़पालकों को लगभग 4,00,000 (चार लाख रुपये) का वित्तीय नुकसान हुआ है।

लोअई पंचायत की प्रधान नवनीता देवी और पोलिंग पंचायत के उपप्रधान प्रेम चंद ने इस हादसे पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने पशु चिकित्साधिकारी लोहारडी सोहन सिंह, स्थानीय प्रशासन तथा बैजनाथ के विधायक किशोरी लाल से गुहार लगाई है कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित इन निर्धन पीड़ित भेड़पालकों को जल्द से जल्द राहत कोष से हर संभव आर्थिक सहायता और मुआवजा प्रदान किया जाए।

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