हिमाचल कैबिनेट के बड़े फैसले: हजारों पद भरने को मंजूरी, आंगनबाड़ी व वन मित्रों का मानदेय बढ़ा

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सुरभि न्यूज़ 

प्रताप अरनोट, शिमला

बोर्डिंग स्कूलों, स्वास्थ्य सेवाओं और विभिन्न विभागों में होगी भर्ती; दुग्ध प्रोत्साहन राशि दोगुनी, बोह घाटी के आपदा प्रभावितों को विशेष राहत पैकेज

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शनिवार को हुई हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में विभिन्न विभागों में हजारों पद भरने सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में जल शक्ति विभाग में 4,090 पैरा वर्करों, स्वास्थ्य विभाग में 500 सहायक स्टाफ नर्सों, शिक्षा विभाग में कॉलेज कैडर के सहायक प्रोफेसरों के 320 पद, वन विभाग में 500 सहायक वन रक्षकों तथा लोक निर्माण विभाग में 172 मल्टी टास्क वर्करों के पद भरने को मंजूरी दी गई। इसके अलावा 100 और सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने तथा नई योजना के तहत 3,900 शैक्षणिक और 900 गैर-शैक्षणिक पद भरने का निर्णय लिया गया।

मंत्रिमंडल ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मासिक मानदेय 10,500 से बढ़ाकर 11,500 रुपये और सहायिकाओं का 5,800 से बढ़ाकर 6,800 रुपये करने को मंजूरी दी। वन मित्रों का मानदेय भी 10,000 से बढ़ाकर 12,000 रुपये किया जाएगा। दुग्ध प्रोत्साहन योजना के तहत किसानों को मिलने वाली सहायता 3 से बढ़ाकर 6 रुपये प्रति लीटर करने का फैसला लिया गया।

कांगड़ा जिले की बोह घाटी के आपदा प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज स्वीकृत किया गया। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 7.50 लाख रुपये, घरेलू सामान के नुकसान पर एक लाख रुपये, किराये के लिए 5,000 रुपये और छह महीने तक मुफ्त राशन दिया जाएगा। शत-प्रतिशत दिव्यांगता वाले व्यक्तियों की मासिक पेंशन भी 3,000 रुपये करने को मंजूरी दी गई।

इसके अतिरिक्त जलाशयों के मछुआरों के लिए मुख्यमंत्री मछुआरा सहायता योजना, ट्राउट पालकों के लिए एक करोड़ रुपये की जोखिम निधि, सोलन जिले में वर्षा आधारित कृषि परियोजना के लिए 603 करोड़ रुपये और 9 इको-टूरिज्म स्थलों के आवंटन को मंजूरी दी गई।

बैठक में सुजानपुर के राज्यस्तरीय होली मेले को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने, हमीरपुर में सिटी सेंटर, बद्दी के शीतलपुर में अंतरराज्यीय बस टर्मिनल तथा दियोटसिद्ध में आठ मंजिला पार्किंग सुविधा बनाने का भी निर्णय लिया गया। इसके अलावा नए स्वास्थ्य संस्थान खोलने, स्कूलों में भर्ती, नर्सिंग कॉलेज स्थापित करने और कर्मचारियों के स्थानांतरण के लिए व्यापक दिशा-निर्देश तैयार करने सहित कई अन्य फैसले लिए गए।

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