सुरभि न्यूज़
कुल्लू, 13 अक्तूबर
प्रो० श्याम लाल ठाकुर जी की 16वीं पुण्यतिथि के अवसर पर सूत्रधार भवन के सभागार में श्रद्धासुमन कार्यक्रम का आयोजन किया गया । यह कार्यक्रम सूत्रधार कला संगम, कुल्लू एवं श्याम संगीत सम्मेलन समिति, कुल्लू के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।
सुन्दर श्याम व धर्मेन्द्र शर्मा प्रचार-प्रसार प्रभारी व सहप्रभारी, सूत्रधार कला संगम कुल्लू ने जानकारी देते हुए बताया कि सूत्रधार कला संगम, कुल्लू के अध्यक्ष दिनेश सेन, श्याम संगीत सम्मेलन समिति, कुल्लू के अध्यक्ष डॉ० सूरत ठाकुर, प्रो० श्याम लाल ठाकुर के सुपुत्र जितेंद्र ठाकुर, पुत्रवधू ईटा ठाकुर एवं पुत्री नीलम सूद, अराजपत्रित कर्मचारी संघ के अध्यक्ष संजीव भारद्वाज, सूत्रधार कला संगम के संरक्षक मण्डल सदस्य राजेन्द्र सूद, उपाध्यक्ष कंवर वीरेंद्र सिंह, महासचिव अतुल गुप्ता, भंडार प्रभारी तिलक राज चौधरी, सचिव मंजुलता शर्मा, प्रचार-प्रसार प्रभारी सुंदर श्याम, लोकनृत्य प्रभारी सीमा शर्मा, संगीत अकादमी के प्राचार्य पं० विद्या सागर, आमंत्रित सदस्य निशांत गौतम, जीवन बुडाल तथा संजय पुजारी ने प्रो० श्याम लाल ठाकुर जी के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम के सूत्रधार संगीत अकादमी के प्राचार्य पं० विद्या सागर के दिशानिर्देशन में अकादमी के प्रशिक्षुओं द्वारा शास्त्रीय संगीत, लोकगीत, भजन, बाँसुरी वादन एवं नृत्य की प्रस्तुतियों के माध्यम से उन्हें स्मरण किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुआ।
इसके उपरांत चन्द्रआभा स्कूल के बच्चों ने राग भूपाली, विशाल एवं शुभम ने राग विहाग, भरत शर्मा ने नुआला तथा चंचल ने राग मालकोंस की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर श्याम संगीत सम्मेलन समिति के अध्यक्ष डॉ० सुरत ठाकुर ने अपने स्वागत भाषण में आये हुए सभी मेहमानों का स्वागत किया और प्रो० श्याम लाल ठाकुर के जीवन पर प्रकाश डाला और उन्होंने कहा कि गुरु जी की चार पीढ़ियाँ अब तक निरंतर शिक्षा दीक्षा ग्रहण कर रहे हैं और वर्तमान में सूत्रधार संगीत अकादमी के प्राचार्य पं० विद्यासागर की देखरेख में यह सिलसिला चला हुआ हैं तथा इसको आगे बढ़ाने के लिए सूत्रधार कला संगम का सदैव योगदान रहा हैं।
इसके बाद रोज़ी, दुर्गा एवं कृष्णा ने राग बहार प्रस्तुत किया, जबकि करिश्मा ने लोकगीत उड़ी जाया काले कागा की प्रस्तुति से लोक संगीत की छटा बिखेरी। अनुष्का एवं सुशीला ने राग भीम पलासी प्रस्तुत किया। इसके पश्चात सूत्रधार कला संगम, कुल्लू के अध्यक्ष दिनेश सेन ने अपने विचार व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि सूत्रधार कला संगम के स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर जो भी व्यक्ति अथवा संस्थान सूत्रधार परिवार से आजीवन सहयोगी के रूप में जुड़ना चाहते हैं, वे सूत्रधार कार्यालय में अपना नाम पंजीकृत करवा सकते हैं।
कार्यक्रम में लाल सिंह, जीवन, संजय तथा डॉ० सूरत ठाकुर ने भजनों की प्रस्तुतियों से वातावरण को भक्तिमय बनाया। विशेष सिंह, मंडी ने राग विहाग प्रस्तुत किया, जबकि डी०सी० यादव ने हे पालनहार माँ भजन गाकर श्रोताओं को भावविभोर किया। रामेश्वर महंत, शैलेश, पीयूष एवं ट्विंकल ने भी अपनी गायकी से कार्यक्रम में चार चाँद लगाए। वहीं निशांत गौतम ने बाँसुरी वादन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। तारा शर्मा, रेखा व कनिका ने शुद्ध कत्थक नृत्य की भावभीनी प्रस्तुति से कार्यक्रम को आकर्षक बनाया।
कार्यक्रम का मंच संचालन सूत्रधार कला संगम के प्रचार-प्रसार प्रभारी सुंदर श्याम महंत ने कुशलतापूर्वक किया। संपूर्ण आयोजन में शास्त्रीय संगीत, लोकगीत, भजन, बाँसुरी वादन एवं नृत्य की प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रो० श्याम लाल ठाकुर जी के प्रति सम्मान एवं श्रद्धा व्यक्त की गई।











