ख़ुशी राम ठाकुर – बरोट- चौहार घाटी तथा छोटा भंगाल घाटी को मिलाकर कर एक विधानसभा क्षेत्र बनाने की मांग एक बार फिर से दोनों
घाटियों में जोरशोर के साथ उठने लगी है। गौर रहे कि जिला मंडी की चौहार घाटी तथा जिला कांगडा़ की छोटा भंगाल घाटी आपस में जुडी़ हुई
है।दोनों घाटियाँ जहां दुर्गम है वहीं लोगों का रहन-सहन व भाषा आदि आपस में काफी हद तक मिलती है। चौहार घाटी में चौदह पंचायतों आती
है और छोटा भंगाल घाटी में सात पंचायतें पड़ती हैं ।दोनों घाटियों की ईक्कीस पंचायतों को मिलाकर एक विधानसभ क्षेत्र यहां बन सकता है।
दोनों दुर्गम घाटियों के लोगों में से रमेश कुमार,सुरेश,भागमल,पवन,रवी,राजकुमार,संतोष कुमार, रामलाल आदि का कहना है कि दोनों दुर्गम
घाटियों में आज भी कई मूलभूत सुविधाओं की कमी लोगों को सताती आ रही है।सरकार अगर दोनों घाटियों को जोड़कर एक विरोधाभास क्षेत्र
बनाती है तो यहां से स्थानीय विधायक होने से वह विधानसभा में प्रमुखता के साथ अपने क्षेत्र की आवाज को उठा पाएेगा।इन लोगों सहित
दोनों दुर्गम घाटियों के लोगों ने सरकार से मांग की है जब भी प्रदेश में नए विधानसभा क्षेत्र बनाने की प्रक्रिया चले तो प्राथमिकता के आधार पर
चौहार घाटी व छोटा भंगाल घाटी को मिला कर नया विधानसभा क्षेत्र बनाया जाए।
2026-10-16






