सुरभि न्यूज़
जोगिन्दर नगर, 18 मार्च
एसडीएम जोगिन्दर नगर कृष्ण कुमार शर्मा ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से बच्चों एवं महिलाओं के कल्याणार्थ चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं से ज्यादा से ज्यादा पात्रों को लाभान्वित किया जाए।
एसडीएम समेकित बाल विकास परियोजना चौंतड़ा के अंतर्गत गठित खंड स्तरीय समन्वय समिति बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक का संचालन बाल विकास परियोजना अधिकारी चौंतड़ा बीआर वर्मा ने किया।
विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए एसडीएम ने बताया कि चौंतड़ा ब्लॉक में 0-5 वर्ष आयु वर्ग के कुल 3637 बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई है तथा 7 बच्चे अति कुपोषित व 15 कुपोषित श्रेणी में पाए गए हैं।
उन्होने इन बच्चों की नियमानुसार निगरानी सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिये तथा जरूरत पड़ने पर आवश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान करने को भी कहा।
उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों के हवाले से बताया कि अति कुपोषित व कुपोषित बच्चों में नियमित अवधि के भीतर सुधार नहीं पाया जाता है तो उन्हे निगरानी के लिये राष्ट्रीय पुनर्वास केंद्र मंडी को भेजने का भी प्रावधान है।
उन्होने अधिकारियों को स्वास्थ्य जांच वाले बच्चों की माहवार सूची बनाने को भी कहा ताकि कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों का सही डेटा उपलब्ध रहे।
उन्होने बताया कि चौंतड़ा ब्लॉक में कुल 2945 पात्र बच्चे हैं जिन्हें पूरक पोषाहार प्रदान किया जा रहा है। साथ ही बताया कि शाला पूर्व शिक्षा के तहत कुल पात्र 2235 बच्चों में से 762 को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से लाभान्वित किया जा रहा है। शेष बच्चे निजी व सरकारी स्कूलों में पंजीकृत हैं।
विभिन्न आंगनबाड़ी भवनों व शौचालयों के निर्माण को साढ़े आठ लाख रुपये की राशि जारी की गई है। उन्होंने बीडीओ चौंतड़ा को इन कार्यों को जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिये ताकि समयबद्ध इन सुविधाओं का लाभ बच्चों को मिल सके।
बैठक में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, विधवा पुनर्विवाह योजना, मदर टेरेसा असहाय मातृ संबल योजना, बेटी है अनमोल योजना, महिला स्वयं रोजगार योजना, बाल बालिका सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना तथा मुख्यमंत्री शगुन योजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
एसडीएम ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत गठित खंड स्तरीय टॉस्क फोर्स की बैठक में चौंतड़ा ब्लॉक में घटते कन्या शिशु लिंगानुपात पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि प्रस्तुत आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2018-19 में जहां शिशु लिंगानुपात 940 तो वहीं जन्म पर यह अनुपात 920 था, लेकिन चालू वित्तीय वर्ष में शिशु लिंगानुपात घटकर 904 तथा जन्म लिंगानुपात 855 रह गया है।
उन्होंने घटते कन्या शिशु लिंगानुपात के विभिन्न कारणों की जानकारी ली। साथ ही इस संबंध में गर्भवती महिलाओं की ओर अधिक निगरानी एवं सतर्कता अपनाने पर जोर दिया।
साथ ही कहा कि यदि कहीं पर भी भ्रूण में लिंग जांच के लिए पीसी पीएनडीटी एक्ट की अवहेलना का मामला सामने आता है तो इसकी तुरंत सूचना संबंधित विभागीय अधिकारियों को देने के निर्देश दिए ताकि इस बारे उचित कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा सके।
इस बीच सीडीपीओ ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत किये जा रहे विभिन्न कार्यों की विस्तृत जानकारी भी प्रस्तुत की।
बैठक में सीडीपीओ बीआर वर्मा के अतिरिक्त उपमंडलीय आयुर्वेद अधिकारी डॉ. निशी शर्मा, बीएमओ लडभड़ोल डॉ. ए.के. सिंह, प्रो. कौमुदी शर्मा, एसईबीपीओ पंकज ठाकुर, खंड स्वास्थ्य शिक्षक शेर सिंह वर्मा, खंड समन्वयक सुमन ठाकुर, आंगनबाड़ी पर्यवेक्षक रीना देवी, गुडडी देवी, संतोष कुमारी, दुर्गा वती, विजय सिंह, यशवंत कुमार, जगदेव, चूडामणि, सुभाष चंद सहित समिति के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।









