सुरभि न्यूज़ ब्यूरो
कुल्लू, 9 अक्तूबर
उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला प्रशासन द्वारा जिले के सभी सार्वजनिक, लाइसेंस धारक प्रतिष्ठानो, संस्थाओं, नागरिक, होटल /रेस्तरां/कैफे, होम स्टे, कैंपिंग साइट, अतिथि घर, अनुमोदित साहसिक खेल स्थल, सभी निजी पंजीकृत टैक्सियों, निजी बसों, दवा की दुकानो, स्नूकर, राफ्टिंग स्थलों व राफ्ट पर नशीले पदार्थों के उपयोग के खिलाफ, दंडात्मक प्रावधानों के संबंध में डिस्प्ले बोर्ड व साइनेज लगाना अनिवार्य किया गया है। इस बारे में सम्बंधित आदेश जारी कर दिये गये हैं।
उन्होंने कहा कि जिले में नशे के खिलाफ चलाये जा रहे विभिन्न अभियानों के बावजूद भी नशे की बढ़ती प्रवृति जिला कुल्लू के लिए चिंताजनक है। इसी के दृष्टिगत यह निर्देश जारी किये गये, ताकि यहां आने वाले पर्यटकों व आगन्तुकों को संदेश जाए कि कुल्लू जिला पूरी तरह नशा मुक्ति की ओर अग्रसर है और जो असमाजिक तत्व नशिली वस्तुओं की गतिविधियों में लिप्त है के खिलाफ कड़ी कार्यवाही अमल लाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि “नशा मुक्त भारत अभियान” के बैनर तले चलाये जा रहे अभियान के तहत लोगों को नशीली वस्तुओं के दुष्प्रभाव के बारे जागरूक किया जा रहा है। शिक्षण संस्थानों से 100 मीटर की दूरी पर तंबाकू व अन्य नशीले पदार्थों को बेचने पर प्रतिबंध लगाया गया है। जिस पर पुलिस द्वारा कड़ी नजर रख रही है तथा समय-समय पर जांच भी की रही है।
उन्होंने कहा कि नशे की दृष्टि से हॉटस्पॉट स्थानों पर भी पुलिस गश्त बढ़ाई गई है। उपरोक्त स्थलों पर नशीले पदार्थों के उपयोग के खिलाफ, दंडात्मक प्रावधानों को दर्शाने वाले अंग्रेजी व हिंदी भाषा के मुख्य बोर्ड व साइनेज लगाना अनिवार्य किया गया है। इन स्थलों पर नशीले पदार्थों का उपयोग व लेनदेन करना दंडनीय अपराध है जिसमे 10 से बीस साल का कारावास एवं एक से दो लाख रुपये का जुर्माना है का साइनेज लगाना होगा।
उन्होंने कहा कि इसी प्रकार मणिकर्ण घाटी में होटल, रेस्टोरेंट, कैफे, टैक्सी, अतिथि घर, ऑटो बसों, दुकानें, स्नूकर, राफ्टिंग एवं अन्य साहसिक खेलों के स्थलों पर यह सन्देश को लगाना होगा “ध्यान दें” “गहरी पार्वती नदी के नज़दीक किसी को शराब और नशीली दवाओं का उपयोग न करने दें” “पार्वती नदी की गहराई कसोल व मणिकर्ण में 20 मीटर तक है, सुन्दरता का सावधानीपूर्वक आनंद लें ” “अगर कोई आपको ड्रग्स ऑफर करता है, तो कृपया मामले की रिपोर्ट पुलिस हेल्पलाइन नंबर 82196-81600 पर करें “नशीली दवाओं के खतरे पर अंकुश लगाने के लिए आगे आओ “। उन्होंने कहा कि उपरोक्त आदेश का अनुपालन नहीं करने पर कार्रवाई की जायेगी।









