सुरभि न्यूज़ ब्यूरो
जोगिंदरनगर, 09 नवम्बर
आयुष मंत्रालय भारत सरकार के राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड का उत्तर भारत राज्यों का क्षेत्रीय कार्यालय जोगिन्दर नगर 10 नवम्बर को धन्वंतरि दिवस के उपलक्ष्य पर सक्रिय किसानों को औषधीय पौधों का वितरण करेगा। जिनमें साराका असोका (अशोक), क्रिएटिवा नूरवाला (वरुण), अल्बिजिया लेबेक (ब्लैक शिरीष), टर्मिनलिया चेबुला (हरड), टर्मिनलिया बेलेरिका (बहेडा), एबेलिका ऑफिसिनालिस (आंवला), एगल मार्मियोलोस (बिलाव), हिबिस्कस रोजा साइनेंसिस, प्रोसोपिस सिनेरिया (शम्मी), मोरिंगा ओलीफेरा (शिग्रु) तथा विशेष रूप से आईयूसीएन रेड लिस्टेड आरईटी प्रजाति ज़ैंथोक्सिलम आर्मेटम (तेजबल) शामिल है।
राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अरुण चंदन ने बताया कि आयुष मंत्रालय के राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड के तत्वावधान में आरसीएफसीएनआर-1 स्थित जोगिन्दर नगर, औषधीय पौधों के बारे में जागरूकता और खेती को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्यरत है। ऐसे में 10 नवम्बर को धन्वंतरि दिवस के मौके पर क्षेत्रीय कार्यालय जोगिन्दर नगर कांगड़ा जिला के भल्ली गांव में किसानों व हितधारकों को बहुमूल्य जड़ी-बूटियों व औषधीय पौधों का वितरण करेगा।
इस दौरान औषधीय पौधों के शौकीनों के लिए एक सेल्फी पॉइंट बनाया गया है। इसके अतिरिक्त किसानों और हितधारकों के साथ एक ई-किट भी साझा की जाएगी जिसमें औषधीय पौधे उगाने की कृषि तकनीक, वृक्षआयुर्वेद और औषधीय पौधों से संबंधित बहुमूल्य जानकारी और संचार सामग्री शामिल है।
उन्होने बताया कि इस शुभ दिवस पर भगवान धन्वंतरि की विशेष पूजा की जाएगी तथा स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में डॉ. श्रीकांत औषधीय पौधों के व्यापक इस्तेमाल बारे विस्तृत साझा करेंगे। इसके अलावा विभिन्न औषधीय पौधों के उपयोग पर भी विस्तृत चर्चा की जाएगी।
डॉ. अरुण चंदन ने बताया कि राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड का क्षेत्रीय कार्यालय जोगिन्दर नगर आयुष मंत्रालय भारत सरकार के दिशा निर्देशों के तहत किसानों व हितधारकों को औषधीय पौधे उपलब्ध कराने के साथ-साथ इनको बढ़ावा देने की दिशा में निरन्तर कार्यरत है। उन्होने बताया कि 10 नवम्बर को प्रात:10 बजे से दोपहर 2 बजे तक उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, दिल्ली, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश सहित उत्तरी क्षेत्र के राज्यों के लिए एक वर्चुअल कार्यक्रम भी आयोजित कर रहा है। इस वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से सभी सक्रिय किसानों व हितधारकों के साथ औषधीय पौधों को लेकर ई-किट भी साझा की जाएगी।









