बढ़ती भ्रामक सूचनाओं के बीच खबरों की विश्वसनीयता सर्वोच्च जिम्मेदारी – तोरूल रवीश

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सुरभि न्यूज़

कुल्लू, 16 नवंबर

राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर रविवार को बहुद्देश्यीय भवन कुल्लू में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। उपायुक्त तोरूल रवीश ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मीडिया की भूमिका, खबरों की गुणवत्ता और पत्रकारिता की बदलती चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उपायुक्त ने पत्रकारों को बधाई देते हुए कहा कि आज के दौर में खबरों की विश्वसनीयता बनाए रखना पत्रकारिता का सबसे बड़ा दायित्व है। उन्होंने कहा कि गलत जानकारी, ब्रेकिंग न्यूज़ की होड़ और जानबूझकर फैलाए जाने वाले भ्रामक कंटेंट समाज के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। आपका पाठक जागरूक है और तथ्यात्मक खबर की अपेक्षा करता है। इसलिए विश्वसनीय और सत्यापित जानकारी देना अत्यंत आवश्यक है।” उन्होंने पत्रकारों से आह्वान किया कि खबर प्रकाशित करने से पहले संबंधित पक्ष का संस्करण लें, समाचार का विश्लेषण करें और शोध-आधारित रिपोर्टिंग को प्राथमिकता दें।

उपायुक्त ने कहा कि सिविल सेवा की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए अखबार हमेशा उपयोगी रहे हैं और तकनीक के साथ पत्रकारिता के स्वरूप में बड़ा परिवर्तन आया है। ऐसे में खबरों की गुणवत्ता और कंटेंट की विश्वसनीयता को बनाए रखना पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि कहीं-कहीं कंटेंट की गुणवत्ता में गिरावट के कारण पत्रकारिता ‘कॉपी-पेस्ट’ संस्कृति की ओर बढ़ रही है, जो मीडिया की विश्वसनीयता को नुकसान पहुँचा रही है। उन्होंने बताया कि देश में उत्कृष्ट पत्रकारों की लंबी परंपरा रही है और समाचार पत्रों ने उनके सिविल सर्विस करियर निर्माण में अहम योगदान दिया है। उपायुक्त रवीश ने कहा कि स्वतंत्र और विश्वसनीय प्रेस लोकतंत्र की मजबूती की आधारशिला है, और समाज में मीडिया की साख को बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है।

इससे पहले ज़िला लोक सम्पर्क अधिकारी अनिल धीमान ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर उपायुक्त और जिला के सभी पत्रकारों का स्वागत किया और बढ़ती भ्रामक सूचनाओं के बीच प्रेस की विश्वसनीयता के संरक्षण पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि भ्रामक सूचनाओं के बीच प्रेस की विश्वसनीयता का संरक्षण एक महत्त्वपूर्ण मुद्धा बन गया है। सोशल मीडिया और इंटरनेट ने सूचनाओं के प्रसार को बहुत तेज और सुलभ बना दिया है, लेकिन इसके साथ ही गलत जानकारी , आधे अधूरे तथ्य और अफवाहों का भी प्रसार हुआ है। ऐसे में प्रेस और मीडिया की विश्वसनीयता को बनाये रखना और उसे और मजबूत करना बेहद जरूरी हो गया है।

इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार अभिनव वशिष्ठ, धनेश गौतम, शशि भूषण पुरोहित, श्याम कुलवी, प्रिया शर्मा और रेणुका ने भी बढ़ती भ्रामक सूचनाओं के बीच प्रेस की विश्वसनीयता के संरक्षण विषय पर विस्तार से अपने विचार रखे। कार्यक्रम में विभिन्न संस्थानों के संवाददाता और सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।

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