सम्मान : कुल्लू जिला की राजकुमारी शर्मा को मन्त्रों उच्चारण और जड़ी बूटियों से रोगों के ईलाज के लिए राज्यपाल ने किया सम्मानित

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सुरभि न्यूज़
छविन्द्र शर्मा, आनी
मानवता की सेवा करना सबसे बड़ा धर्म है। यही मिसाल चरितार्थ की है आनी निवासी देहाती वैद्य राजकुमारी शर्मा ने, जो वर्षों से अनेकों रोगियों का ईलाज मन्त्रों उच्चारण और दुर्लभ जड़ी बूटियों से निःशुल्क करती आ रही हैं। चिकन पॉक्स, फोड़े -फुंसी, एलर्जी, सिरदर्द, पीलिया, कान दर्द, गले के घलापे, ब्रह्मसूत्री, सांप के काटे, बच्चों में रोने की समस्या भय की समस्या तथा विभिन्न तरह के चर्म रोग सहित अन्य कई रोगों का ईलाज अपने  मन्त्रों उच्चारण व जड़ी बूटियों से करती हैं।
राजकुमारी शर्मा द्वारा निस्वार्थ मानवता सेवा में उत्कृष्ट योगदन के लिए हिमचाल राज्यपाल ने सम्मानित  किया। हाल ही में इन्हें रामपुर बुशेहर के नोगली बाल्ना स्थित सर्वपल्ली राधाकृष्णन बीएड. एमएड शिक्षण संस्थान में स्नातक के नए पाठयक्रम के उद्घाटन अवसर पर बतौर मुख्यातिथि पधारे प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल द्वारा समारोह में उन्हें इस पुनीत कार्य के लिए अवार्ड ऑफ एक्सिलेंस पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
राजकुमारी शर्मा के पास प्रतिदिन कोई न कोई मरीज अपने रोग अथवा अपनी परेशानी लेकर आते हैं और शर्मा हर दुःखी व्यक्ति के रोग का उपचार निःस्वार्थ भाव से करती हैं। राजकुमारी शर्मा बताती हैं कि उन्होंने ये विद्या अपनी दादी से सीखी है और उपचार के बदले वह किसी से एक रुपये तक का शुल्क भी नहीं  लेतीं है। यानी कि निःस्वार्थ एव्ं समर्पण भाव से इस सेवा कार्य में जुटीं हैं।
हालांकि वर्तमान वैज्ञानिक युग में अधिकतर लोग इस तरह की विद्या को महज एक ढ़ोंग बताते हैं, मगर जिन भी लोगों का उपचार राजकुमारी जैसी देहाती वैद्य के हाथों हुआ है, वे इसे ईश्वरीय बरदान  मानते हैं। राजकुमारी शर्मा बताती हैं कि उन्होंने कभी भी अपनी इस विद्या का घमण्ड नहीं किया और न ही इसका प्रचार प्रसार किया है। जैसे जैसे लोगों को एक दूसरे से उनके देहाती उपचार की जानकारी मिलती है तो रोगी दूर – दूर से उनके पास अपना उपचार करवाने आते हैं और कुछ दिनों में ही रोग से छुटकारा पाकर उनका आभार जताते है।
राजकुमारी शर्मा का कहना है कि उनके पास उपचार के लिए आम लोगों के अलावा कई अधिकारी कर्मचारी भी आ चुके हैं और  एक बार तो अस्पताल में दाखिल एक मरीज की जुबान बंद होने पर तिमारदार उनके घर पर आ पहुंचे और रोगी की समस्या के बारे में बताने के बाद अस्पताल पहुँचकर एक मिनट में ही रोगी को ठीक कर दिया। जिसे देख अस्पताल का स्टाफ् भी स्तब्ध रह गया। बहरहाल बात चाहे कुछ भी हो राजकुमारी शर्मा जैसे देहाती वैद्य रोगियों के लिए किसी भगवान् से कम नहीं, समाज को ऐसे सेवाभावी व्यक्तित्व पर नाज है।

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