सुरभि न्यूज़
चांदपुर/बिलासपुर, 22जनवरी
महिला साहित्यकार संस्था हिमाचल प्रदेश की प्रदेश उपाध्यक्षा शीला सिंह के नेतृत्व में गत दिन जिला भाषा अधिकारी बिलासपुर के सानिध्य में मासिक गोष्ठी कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस आयोजन द्वारा समाज में उत्कृष्ट कार्य करने और अनुकरणीय भूमिका निभाने वाले महानुभावों को प्रदेश उपाध्यक्षा और बिलासपुर इकाई की पूरी टीम द्वारा सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्यातिथि डॉ पी एस कटवाल और विशेष अतिथि विनीता कटवाल वाइस प्रिंसिपल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चांदपुर रहीं। प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय बिलासपुर कटवाल को सम्मानित करते हुए प्रदेश उपाध्यक्षा शीला सिंह ने कहा कि आदरणीय कटवाल ने (Development Disparity In Indian Hill States) नामक विषय में पीएच डी चंडीगढ़ विश्वविद्यालय से की है। उनकी पीएच डी का मुख्य उद्देश्य हिमाचल के गांँव और शहरों में महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव को सामने लाना है ताकि समाज में लिंग के आधार पर समानता स्थापित की जा सके।
उन्होंने कहा कि प्राचार्य ने बिलासपुर महाविद्यालय में छात्राओं एवं महिला कर्मचारियों के लिए उनकी व्यक्तिगत समस्याओं को देखते हुए विशेष सुविधाएं प्रदान की है। उन्होंने महिला कर्मचारियों के लिए “डे केयर रुम” बनाया है ताकि वे सभी महिलाएं अपने कार्यकाल के दौरान बच्चों को उस रूम में रख सकें। कोई बाहर से पेपर देने आई महिला अपने बच्चे को उस रूम में रखकर निश्चिन्त होकर पेपर कर सके। महिलाओं के लिए अलग शौचालय बनाया गया है। लड़कियों के कामन रूम में कर्टन लगाए गए हैं।
विद्यार्थियों के लिए आनलाइन लाइब्रेरी और ओपन दोनों प्रकार की लाइब्रेरी उपलब्ध करवाई गईं हैं ताकि विद्यार्थी 24 घंटे अपनी पढ़ाई कर सकें। विद्यार्थियों की एडमिशन और परीक्षा के रोल नंबर को भी आनलाइन कर विद्यार्थियों की समस्याओं का निवारण किया गया है। महाविद्यालय में चल रहे इग्नू के केंद्र को भी इन्होंने अपने कार्यकाल में सही दिशा प्रदान की है।
महिला साहित्यकार संस्था बिलासपुर इकाई की अध्यक्षा डॉ हेमा देवी ठाकुर ने कहा कि बिलासपुर महाविद्यालय की पत्रकारिता विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ नवेंदु बंसल और उसके पति पंकज शर्मा को भी साहित्यिक सम्मान से सम्मानित किया गया है।
उन्होंने मथुरा और आगरा के होते हुए भी बिलासपुर के एक परिवार के ऐसे बच्चे जिनके मम्मी-पापा नहीं हैं उन्हें गोद लेकर उनकी शादियां करवाई हैं। आज़ वही उन बच्चों के माता-पिता और दादा-दादी हैं। उनमें से एक बच्ची रजनी भी इस सम्मान समारोह में आई थीं। इस समारोह में बच्ची सहित मैम के दोनों बेटों कार्तिक और राघव को भी सम्मानित किया गया।
उन्होंने कहा कि आज संस्था द्वारा बिलासपुर महाविद्यालय के ही भौतिकी विभाग के सहायक आचार्य डॉ अरुण कुमार को भी साहित्यिक सम्मान से सम्मानित किया गया। वे बिलासपुर क्षेत्र के विद्यार्थियों की काउंसलिंग करके उनका मार्गदर्शन करते हैं।उनके पढ़ाए हुए बहुत से विद्यार्थी देश-विदेश में जाकर अपनी पीएचडी कर रहे हैं। इसी कारण इन्हें बिलासपुर जिला प्रशासन के द्वारा 15 अगस्त, 2024 को शिक्षा कै क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए शिक्षक सम्मान दिया गया है। 5 सितंबर, 2025 को इन्हें हिमाचल सरकार के द्वारा ‘शिक्षक दिवस’ पर उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान से नवाजा गया है।
इसी के साथ जिला बिलासपुर के सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक शिक्षा विभाग सुशील पुन्डीर को अधिकतम रक्तदान के लिए सम्मानित किया गया। महाविद्यालय के ही होनहार विद्यार्थी कुमारी अंकिता और मनीष कुमार को भी हिन्दी विषय में यूजीसी से जेआरएफ और सैट पास करने हेतु सम्मानित किया गया।
जिला भाषा अधिकारी नीलम चन्देल और उनका पूरा स्टाफ, जिला के कल्याण कला मंच बिलासपुर, बिलासपुर लेखक संघ के सदस्यों और समस्त सम्माननीय साहित्यकारों विद्जनों की उपस्थिति से कार्यक्रम में चार चांद लग गए।।











