शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने 77वें गणतंत्र दिवस पर कुल्लू में फहराया राष्ट्रीय ध्वज, परेड की ली सलामी

Listen to this article

सुरभि न्यूज़

कुल्लू, 26 जनवरी

77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने ऐतिहासिक ढालपुर मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और भव्य परेड की सलामी ली। समारोह में पुलिस, आईटीबीपी, महिला पुलिस टुकड़ी, होम गार्ड्स, 1 एचपी एयर स्क्वाड्रन कुल्लू, 2 एचपी एनसीसी मंडी, एनएसएस कॉलेज कुल्लू, रेंजर कुल्लू, भारत गाइड, स्काउट्स, जूनियर रेड क्रॉस (गर्ल्स स्कूल सुल्तानपुर), एनसीसी गर्ल्स सुल्तानपुर, आपदा मित्र तथा होम गार्ड्स बैंड्स की टुकड़ियों ने अनुशासित एवं आकर्षक मार्च-पास्ट प्रस्तुत किया।
अपने संबोधन में शिक्षा मंत्री ने प्रदेशवासियों एवं जिला वासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने अपने कार्यकाल के तीन वर्ष पूरे कर लिए हैं, जो प्रदेश के समग्र विकास और समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण को समर्पित रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले दिन से जनसेवा को अपना मूल मंत्र बनाया है और इसी भावना के साथ हिमाचल को आत्मनिर्भर व समृद्ध बनाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश हित में कई कड़े लेकिन आवश्यक फैसले लिए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं। वर्तमान सरकार ने दस में से सात गारंटियों को पूरा कर लिया है। पहली ही कैबिनेट बैठक में 1 लाख 36 हजार कर्मचारियों को ओपीएस प्रदान कर सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा और सम्मान दिया गया।

राजस्व वृद्धि, संसाधनों की सुरक्षा पर सरकार का विशेष जोर

शिक्षा मंत्री ने कहा कि संसाधनों के बेहतर उपयोग से पिछले तीन वर्षों में राज्य को 26,683 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछली सरकार की समान अवधि से 3,800 करोड़ रुपये अधिक है। शराब ठेकों की नीलामी से 5,408 करोड़ रुपये अर्जित हुए, जो पूर्व सरकार की तुलना में 1,114 करोड़ रुपये अधिक है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश की संपदा पर सभी वर्गों का समान अधिकार है और सरकार इसकी रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में वाइल्ड फ्लावर हॉल की संपत्ति को कानूनी लड़ाई के बाद वापस लिया गया और अब इसके माध्यम से प्रदेश को राजस्व प्राप्त करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।

जलविद्युत, बीबीएमबी और हिमाचल के अधिकार

उन्होंने कहा कि जलविद्युत परियोजनाओं में हिमाचल के हितों की रक्षा के लिए सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। कड़छम-वांगतू परियोजना में रॉयल्टी 12 से बढ़ाकर 18 प्रतिशत की गई है। लूहरी-सुन्नी और धौलासिद्ध परियोजनाओं को राज्य के नियंत्रण में लेने की प्रक्रिया चल रही है। बीबीएमबी परियोजनाओं में 12 प्रतिशत निःशुल्क ऊर्जा, हिमाचल की स्थायी सदस्यता और लगभग 6,500 करोड़ रुपये के एरियर जारी करवाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार और स्वरोजगार पर फोकस

शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि गांव का पैसा गांव में ही रहे और युवाओं को रोजगार के लिए पलायन न करना पड़े। इसके लिए मनरेगा, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, होम-स्टे योजना, राजीव गांधी वन संवर्धन योजना सहित अनेक योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। दूध उत्पादकों को बड़ी राहत देते हुए गाय के दूध का समर्थन मूल्य 32 से बढ़ाकर 51 रुपये तथा भैंस के दूध का मूल्य 47 से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर किया गया है, जिससे हिमाचल देश का सबसे अधिक समर्थन मूल्य देने वाला राज्य बना है।

महिलाओं, युवाओं और सामाजिक सुरक्षा पर विशेष ध्यान

उन्होंने बताया कि इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि योजना के तहत पात्र महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से 1500 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के अंतर्गत अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ का दर्जा देकर उनकी शिक्षा, आवास और रोजगार की जिम्मेदारी सरकार उठा रही है।

स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन में ऐतिहासिक पहल

स्वास्थ्य क्षेत्र में 3,000 करोड़ रुपये से पुराने उपकरणों को बदलने का निर्णय लिया गया है। शिमला और टांडा मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी शुरू हो चुकी है, जबकि अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी शीघ्र यह सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। शिक्षा क्षेत्र में पहली कक्षा से अंग्रेज़ी माध्यम, सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ने और राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूलों की स्थापना जैसे कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में जिला कुल्लू में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के तहत 571 करोड़ रुपये की लागत से 66 सड़कों की डीपीआर केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि जिले में अब तक 13 किलोमीटर मोटर योग्य सड़क, 27 किलोमीटर सीडी कार्य, 37 किलोमीटर सोलिंग, 27 किलोमीटर वियरिंग, 7 किलोमीटर टारिंग, एक पुल तथा दो भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। विशेष केन्द्रीय सहायता के अंतर्गत रागड़ी के नजदीक कन्याल रोड के निर्माण के लिए 15 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध होगी।

कुल्लू में शिक्षा, अधोसंरचना विकास और छात्र कल्याण को सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जिले के 38 सरकारी विद्यालयों में डिजिटल पुस्तकालय स्थापित किए गए हैं। इन डिजिटल पुस्तकालयों में विद्यार्थियों की सुविधा हेतु पुस्तकों के साथ-साथ डेस्कटॉप कंप्यूटर, कुर्सी–मेज तथा इंटरनेट कनेक्शन की समुचित व्यवस्था उपलब्ध करवाई गई है, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक और डिजिटल शिक्षा से जोड़ा जा सके।

सांस्कृतिक कार्यक्रम और सम्मान समारोह

इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों, संस्थाओं और सांस्कृतिक दलों द्वारा देशभक्ति नृत्य, गीत, नाटिका, नाटी एवं ड्रोन शो सहित रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इसके उपरांत शिक्षा मंत्री ने राजकीय महाविद्यालय कुल्लू का दौरा किया तथा अधिकारिओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
समारोह में कुल्लू विधायक सुंदर सिंह ठाकुर, मनाली विधायक भुवनेश्वर गौड़, एपीएमसी अध्यक्ष महेश्वर सिंह, पूर्व मन्त्री खिमी राम शर्मा, पूर्व सांसद महेश्वर सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष पंकज परमार, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सेस राम आज़ाद, नगर परिषद् अध्यक्ष गोपाल कृषण महंत, उपायुक्त तोरुल एस. रवीश, पुलिस अधीक्षक मदन लाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *