सुरभि न्यूज़
ख़ुशी राम ठाकुर, बरोट
पुणे के आर्मी रोइंग नोड में आयोजित 43वीं सीनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप–2026 27 से 31 जनवरी तक आयोजित की गई, जिसमें में देशभर भर से प्रतिभाशाली ने हिस्सा लिया। इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में जिला कांगड़ा की छोटाभंगाल घाटी के दुर्गम कोठी कोहड़ गाँव के युवराज सिंह ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल हासिल कर प्रदेश व अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
युवराज़ ने बरोट में मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इससे पूर्व 45वीं जूनियर राष्ट्रीय रोइंग चैंपियनशिप में भी रजत पदक अपने नाम कर चुके हैं और इस बार उन्होंने सिविल मेन्स डबल स्केल इवेंट में जसपाल सिंह के साथ मिलकर 2000 मीटर की रेस में सभी प्रतियोगियों को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया।
पिता संजय कुमार तथा माता मधुवाला के घर जन्में युवराज सिंह ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जितने
युवराज सिंह ने बताया कि सेमीफाइनल को जीतने के तुरंत बाद ही पता चला कि उसके दादा जी का स्वर्गवास हो गया। उसी दौरान उन्होंने ठान लिया कि फाइनल में गोल्ड मेडल जीतकर मेडल को अपने स्वर्गीय दादा जयचंद को समर्पित करेंगे और कड़ी मेहनत व पूरी लग्न से प्रतियोगिता में प्रदर्शन कर पहला स्थान हासिल कर गोल्ड मैडल अपने दादा को समर्पित किया।
उन्होंने कहा कि इस चैंपियनशिप के समापन समारोह में लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ मुख्यातिथि के रूप में मौजूद रहे और प्रतियोगिता के सफल आयोजन एवं प्रतिभागियों के समर्पण की प्रशंसा की । पुणे में आयोजित इस प्रतियोगिता में सर्विस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड ने समग्र रूप से पहला स्थान प्राप्त किया जबकि आर्मी स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड में दूसरे स्थान पर रहे।
पिता संजय कुमार तथा माता मधुवाला के घर जन्में युवराज सिंह ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जितने का श्रेय अपने पिता- माता, दादा स्वर्गीय जय चंद व दादी खोड़ी देवी को देते है। उन्होंने अपने गाँव कोठी कोहड़ व समूचे छोटाभंगाल का नाम रोशन किया है। इसके साथ युवराज सिंह द्वारा किए गए बेहरतीन प्रदर्शन से भारतीय रोइंग युवा खिलाड़ियों को भी राष्ट्रीय स्तर पर प्रेरणा मिली है।










