सुरभि न्यूज़
चम्बा, 03 फरवरी
अखिल भारतीय साहित्य परिषद, चंबा इकाई द्वारा “सनातन संस्कृति एवं कुटुम्ब प्रबोधन से विकसित भारत 2047” विषय पर साहित्यिक परिचर्चा का आयोजन 2 फरवरी 2026 को श्री श्री वेद पाठशाला, चमीनू जिला चंबा, हिमाचल प्रदेश में किया गया।कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय सनातन सांस्कृतिक मूल्यों, पारिवारिक चेतना तथा राष्ट्र निर्माण में साहित्य की भूमिका पर सार्थक विमर्श स्थापित करना रहा।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में शिवदयाल शर्मा, सेवानिवृत्त प्राचार्य उपस्थित रहे। उन्होंने सनातन संस्कृति और कुटुंब प्रबोधन के विषय पर प्रमुखता से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में सब की हित की कामना है सर्वे भवंतु सुखिन का विचार लेकर भारतीय संस्कृति चली है।
मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. कविता बिजलवान ने विषय की गहराई से व्याख्या करते हुए सनातन संस्कृति के सामाजिक, नैतिक और शैक्षिक आयामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कुटुम्ब प्रबोधन ही सशक्त समाज और विकसित भारत की आधारशिला है।
कार्यक्रम में युद्धवीर टंडन जिला महासचिव ने शिक्षार्थियों को सामाजिक बुराइयों से दूर रहते हुए जीवन में आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया एवं किरण कुमार वशिष्ठ प्रेस सचिव ने इस मौके पर व्याख्यान के साथ-साथ अपनी रचना तू आगे बढ़ भी प्रस्तुत की। उन्होंने व्याख्यान में कहा की वर्तमान समय में बाजार बाद और उपभोक्तावाद में व्यक्ति को अकेला करके उसका शोषण कर रहा है। इसके साथ श्री श्री वेद पाठशाला वेदाचार्य बैरागी और प्रशासक निशिकांत उपस्थित रहे।
परिचर्चा के साथ-साथ बच्चों की भाषण प्रतियोगिता, काव्य पाठ तथा चित्रकला प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिनमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन गतिविधियों ने बालमन में सांस्कृतिक चेतना, रचनात्मकता और राष्ट्रप्रेम को सुदृढ़ किया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण में साहित्य, संस्कृति और परिवार की संयुक्त भूमिका को रेखांकित करते हुए हुआ। आयोजकों ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे साहित्यिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के सतत आयोजन का संकल्प दोहराया।
भाषण प्रतियोगिता में नमन, अंतरिक्ष और ध्रुव ने प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया जबकि चित्रकला में नमन और रोहन ने पहला दूसरा स्थान प्राप्त किया।










