जोगिंदर नगर के मच्छयाल में स्मार्ट मीटर, बिजली संशोधन बिल व बिजली के निजीकरण के विरोध में सड़कों पर उतरे ग्रामीण 

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सुरभि न्यूज़

मच्छयाल, जोगिंदर नगर

जोगिंदर नगर की माकपा कमेटी द्वारा 9 दिन तक गांव-गांव जत्थे चलाने और लोगों को जागरूक करने के बाद मच्छयाल में विशाल प्रदर्शन किया गया। राज्य स्तर के जत्थे के मच्छयाल पहुंचने से पहले माकपा जिला सचिव कुशाल भारद्वाज, लोकल कमेटी सचिव रविंदर कुमार, सदस्यों में सुदर्शन वालिया, मोहन सरवाल, नरेश धरवाल, बालक राम, कालीदास ठाकुर के नेतृत्व में हजारों लोगों ने लाल झंडे तथा तख्तियां लेकर मच्छयाल में विराट जलूस निकाला तथा माकपा के राष्ट्रीय नेता डॉक्टर विक्रम, सिंह, राज्य सचिव संजय चौहान तथा वरिष्ठ नेता राकेश सिंघा के नेतृत्व में चल रहे राज्य स्तरीय जत्थे का खुद्दर में जोरदार स्वागत करते हुए जत्थे को मच्छयाल के मैदान तक गगनभेदी नारों के साथ लाया गया।

जोगिंदर नगर में स्मार्ट मीटर और बिजली के निजीकरण का मुद्दा सबसे बड़ा मुद्दा बन चुका है और इस विराट प्रदर्शन में भी इसकी खूब गूंज दिखी। इसके अलावा मनरेगा की बहाली तथा स्थानीय स्तर पर डॉक्टरों, पेयजल तथा बसों की कमी व सड़कों की खस्ताहालत के मुद्दे पर भी जनता मुखर दिखी।

कार्यक्रम की शुरुआत पार्टी की नुक्कड़ नाटक टीम द्वारा की गई, जिसका नेतृत्व डॉ. प्रवीण जरेट और जनवादी महिला समिति की राज्य अध्यक्षा रंजना जरेट कर रही हैं। इस अवसर पर जनसभा भी आयोजित की गई जिसे विक्रम सिंह, राकेश सिंघा तथा कुशाल भारद्वाज ने संबोधित किया। इस अवसर पर मंच पर राज्य सचिव संजय चौहान, राज्य कमेटी सदस्य सुरेश सरवाल, लोकल कमेटी सचिव रविंदर कुमार तथा जिला कमेटी सदस्य संजय जमवाल भी मौजूद रहे।

पूर्व विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार योजनाबद्ध तरीके से पूरे सार्वजनिक क्षेत्र को अपने दोस्त पूंजीपतियों और बड़ी कंपनियों के हाथों बेचने का काम कर रही है। राकेश सिंघा ने कहा बिजली क्षेत्र को निजी कंपनियों को सौंपने की तैयारी की जा रही है और स्मार्ट बिजली मीटर उसी योजना का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने हिमाचल प्रदेश को मिलने वाली राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) ग्रांट भी समाप्त कर दी है, जिससे प्रदेश की जनता को मिलने वाली सुविधाओं में कटौती का खतरा पैदा हो गया है।

डॉ. विक्रम सिंह ने कहा कि मोदी सरकार मनरेगा कानून को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही है। नई योजनाओं के माध्यम से केंद्र सरकार अपनी हिस्सेदारी कम कर रही है, रोजगार की गारंटी खत्म की जा रही है और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सीमित किए जा रहे हैं, जिससे गांवों की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा।

माकपा जिला सचिव कुशाल भारद्वाज ने कहा कि स्मार्ट मीटरिंग और बिजली संशोधन बिल 2025 बिजली के निजीकरण के लिए केंद्र की भाजपा सरकार उठाए गए बड़े कदम हैं और प्रदेश की कांग्रेस सरकार भी केंद्र के दबाव में इस योजना को लागू करते हुए इसका गुणगान कर रही है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटरिंग और निजीकरण से कंपनियां तो मालामाल हो जाएंगी, लेकिन बिजली बोर्ड खत्म हो जाएगा, उपभोक्ता कंगाल हो जायेंगे, आऊट सोर्स कर्मचारियों की नौकरी चली जाएगी, 29 हजार सेवानिवृत कर्मचारियों की पेंशन बंद हो जाएगी तथा भविष्य में किसी को बिजली बोर्ड में नौकरी नहीं मिलेगी।

उन्होंने कहा कि जनता ने अपनी भलाई के लिए ही इन पार्टियों को वोट दिए हैं, न कि अपनी बर्बादी के लिए वोट दिए हैं। अतः सरकारों की मनमानी नहीं चलेगी। उन्होंने मनरेगा को बहाल करने, अस्पताल में डॉक्टर लाने, पेयजल और बसों की कमी दूर करने तथा सड़कों की खस्ताहालत को सुधारने की भी मांग की।
इस अवसर माकपा की लोकल कमेटी के सचिव रविंदर कुमार ने बताया कि 24 मार्च की दिल्ली रैली के लिए स्मार्ट मीटर तथा मनरेगा के मुद्दे पर जोगिंदर नगर से सैंकड़ों लोग दिल्ली जाएंगे। 17 से 23 मार्च तक फिर से गांव गांव जत्थे चलाए जाएंगे।

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