रक्षक ही बने भक्षक :  एक करोड़ की एलएसडी बरामदगी मामले में पुलिस एसटीएफ के दो हेडकांस्टेबल सहित 4 जवान सस्पेंड

Listen to this article

सुरभि न्यूज़ 

शिमला/कुल्लू, 19 मार्च 

प्रदेश में नशा तस्करी के मामलों में रक्षक ही भक्षक बन रहे है, जिनका जिम्मा नशा तस्करों को सालाखों के पीछे भेजना है वहीं कुछ पुलिस कर्मचारियों की नशा तस्करी में संलिप्तता पाना बेहद शर्मनाक की बात है। एक ऐसा ही मामला सामने आया है। सरकार व पुलिस द्वारा नशे के प्रति छेड़े अभियान के तहत चौंकाने वाले मामले सामने आ रहे हैं। पुलिस द्वारा धड़ाधड़ नशा तस्करों को गिरफ्तार किया जा रहा है। इसी दौरान सरकार द्वारा नशे के अवैध कारोबार में शामिल रहे सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। जिनमें कई पुलिसकर्मी भी शामिल थे। लेकिन इसके बावजूद भी पुलिस कर्मियों की नशे के कारोबार में संलिप्तता कम नहीं हुई है।

मिली जानकारी के अनुसार हिमाचल पुलिस के एसटीएफ विंग कुल्लू के चार पुलिसकर्मियों को नशा तस्करी में शामिल होने के संदेह में फिलहाल सस्पेंड किया गया है। हिमाचल पुलिस की यह बहुत बड़ी कार्रवाई है, जिसमें उन लोगों की नशा तस्करी में सम्भवतः संलिप्तता पाई गई, जिनके ऊपर नशा तस्करी के अवैध कारोबार को रोकने का जिम्मा था।

मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश की राजधानी शिमला में पुलिस की स्पेशल टीम ने नशे की एक बड़ी खेप बरामद की। उसके बाद ही एसटीएफ कुल्लू के चार जवान नशा तस्करी कारोबार के संदेह के घेरे में आ गए।

गौरतलब है कि शिमला पुलिस की स्पेशल टीम ने लगभग एक करोड़ रुपये कीमत के एलएसडी (लाइसर्जिक एसिड डाइथाइलमाइड) नशे के साथ एक युवक व युवती को गिरफ्तार है। इसी मामले में पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स कुल्लू के चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है।

हैरत इस बात की है कि ये चारों पुलिसकर्मी नशा तस्करी रोकने वाली स्पेशल टास्क फोर्स में तैनात थे। इनमें दो हेड कांस्टेबल समीर व राजेश और कांस्टेबल अशोक व नीतीश शामिल हैं। जिनको सस्पेंड कर दिया गया है शिमला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने इसकी पुष्टि की है।

सूत्रों के मुताबिक मुताबिक पुलिस जांच में एसटीएफ के इन चारों जवानों इनकी भूमिका पर सवाल उठे हैं, इसलिए इन्हें तुरंत सस्पेंड किया गया है। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि इस मामले में इन पुलिसकर्मियों की भूमिका क्या रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस इसकी जांच कर रही है।

वहीं, पुलिस जांच में पता चला कि पकड़े गए आरोपियों को यह नशे की खेप कुल्लू के कसोल पहुंचानी थी। जहां रेव पार्टियों में इसका इस्तेमाल होता है। वहीं, अहम बात यह है कि निलंबित किए गए चारों एसटीएफ कर्मी उस समय कुल्लू में ही तैनात थे। इसी वजह से इन पर संदेह और मजबूत हो गया।

बताया जा रहा है कि तस्कर कुल्लू से शिमला आए थे और बीसीएस में एक कमरे में ठहरे हुए थे। इस बीच सूचना के आधार पर 11 मार्च को शिमला पुलिस की स्पेशल टीम ने संदीप शर्मा और प्रिया शर्मा युवक-युवती को गिरफ्तार किया। इनके पास 11.570 ग्राम एलएसडी (LSD) बरामद हुआ, जो कुल 562 स्ट्रीप्स में था। जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय मार्किट में एक करोड़ बताई जा रही है।

पूछताछ के बाद पुलिस ने हरियाणा के गुरुग्राम से केरल के कालीकट निवासी नविएल हैरिसन को भी गिरफ्तार किया। पुलिस को शक है कि यह नशा गोवा, राजस्थान और दिल्ली के रास्ते हिमाचल में लाया जा रहा था।

चूंकि हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला की मणिकर्ण घाटी में मिनी इजरायल के नाम से बदनाम कसोल इलाके में रेव पार्टियां होती हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि इसकी यहीं सप्लाई करने की योजना थी। पुलिस अब तीनों आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। ताकि पूरे मामले का खुलासा किया जा सके। फिलहाल इस मामले में जांच जारी है। पुलिस सूत्रों की माने तो आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *