केंद्रीय विद्युत, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री ने भारत इलेक्ट्रिसिटी सम्मिट 2026 में एनएचपीसी पवेलियन का किया उद्घाटन

Listen to this article

सुरभि न्यूज़

प्रताप अरनोट, फरीदाबाद (हरियाणा )

केंद्रीय विद्युत, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाने 19 मार्च को नई दिल्ली स्थित यशोभूमि में आयोजित भारत इलेक्ट्रिसिटी सम्मिट 2026 में एनएचपीसी पवेलियन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर प्रह्लाद जोशी, केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री, श्रीपाद नाईक, विद्युत, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री, पंकज अग्रवाल, सचिव (विद्युत), भारत सरकार, भूपेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी, उत्तम लाल, निदेशक (कार्मिक), संजय कुमार सिंह, निदेशक (परियोजनाएं), सुप्रकाश अधिकारी, निदेशक (तकनीकी) तथा महेश कुमार शर्मा, निदेशक (वित्त) भी उद्घाटन समारोह में उपस्थित रहे।

अपने दौरे के दौरान मंत्री को एनएचपीसी द्वारा किए जा रहे विभिन्न पहलों की जानकारी दी गई, विशेष रूप से जलविद्युत विकास, नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार तथा सतत अवसंरचना के क्षेत्रों में। एनएचपीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने संगठन की वर्तमान एवं आगामी परियोजनाओं, तकनीकी प्रगति तथा भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में संक्रमण को समर्थन देने में इसके योगदान पर प्रकाश डाला।

केंद्रीय विद्युत, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी, विद्युत, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद नाईक, भारत सरकार के सचिव (विद्युत), पंकज अग्रवाल, एनएचपीसी के सीएमडी भूपेंद्र गुप्ता, निदेशक (कार्मिक) उत्तम लाल, निदेशक (परियोजनाएं) संजय कुमार सिंह, निदेशक (तकनीकी) सुप्रकाश अधिकारी एवं निदेशक (वित्त)  महेश कुमार शर्मा एनएचपीसी पवेलियन का उद्घाटन करते हुए।

भारत इलेक्ट्रिसिटी सम्मिट 2026, विद्युत एवं ऊर्जा क्षेत्र का एक प्रमुख वैश्विक सम्मेलन एवं प्रदर्शनी है, जो 19 से 22 मार्च 2026 तक नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित किया जा रहा है। चार दिवसीय इस सम्मिट की थीम है “विकास का विद्युतीकरण। सततता को सशक्त बनाना। वैश्विक स्तर पर जुड़ना।”

यह आयोजन भारत में विश्वसनीय और सतत बिजली की बढ़ती मांग को रेखांकित करता है तथा ऊर्जा स्रोतों के विविधीकरण के महत्व को उजागर करता है। इसमें पैनल चर्चाएं, तकनीकी सत्र और नेटवर्किंग के अवसर शामिल हैं, जिनका उद्देश्य हितधारकों के बीच सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *