सुरभि न्यूज़
कुल्लू, 17 अप्रैल
सूत्रधार कला संगम कुल्लू द्वारा एक बैठक संस्था के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की उपस्तिथि में आयोजित की गई, जिसमे विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक के दौरान सर्वसम्मति से यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि संस्था के सूत्रधार भवन में उपलब्ध सभागार (हॉल), पारंपरिक हिमाचली वेशभूषा तथा अन्य सांस्कृतिक सामग्री अब इच्छुक व्यक्तियों एवं संस्थाओं को रखरखाव शुल्क के आधार पर उपलब्ध करवाई जाएगी।
संस्था अध्यक्ष दिनेश सेन ने इस अवसर पर कहा कि सूत्रधार कला संगम का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना ही नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध हिमाचली संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाना और उसका संरक्षण करना भी है। ऐसे में सभागार (हॉल) एवं वेशभूषा जैसी सुविधाओं को रखरखाव शुल्क के आधार पर उपलब्ध कराने से जहां लोगों को सहूलियत मिलेगी, वहीं इन संसाधनों का बेहतर संरक्षण भी सुनिश्चित होगा।
उन्होंने आगे कहा कि अधिक से अधिक युवा, कलाकार एवं संस्थाएं इन सुविधाओं का लाभ उठाएं और सांस्कृतिक गतिविधियों को नई दिशा दें। यह पहल संस्कृति के प्रचार-प्रसार की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि इन सुविधाओं के उपयोग के लिए इच्छुक व्यक्तियों एवं संस्थाओं को पूर्व अनुमति लेनी होगी तथा संस्था द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
सूत्रधार कला संगम के इस निर्णय से क्षेत्र में सांस्कृतिक गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिलेगा और अधिकाधिक लोग संस्था से जुड़कर अपनी संस्कृति के संरक्षण में भागीदारी निभाएंगे। बैठक में संस्था अध्यक्ष दिनेश सेन सहित उपाध्यक्ष कंवर वीरेंद्र सिंह, वित्त सचिव जोंगेंद्र ठाकुर, सचिव यशोदा शर्मा व हितेश गोगी, प्रचार-प्रसार सहप्रभारी धर्मेन्द्र शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य सुदेश कुमार व सुबोध सूद, प्राचार्य संगीत अकादमी पं० विद्या सागर, जीवन बुडाल, संजय पुजारी तथा प्रबंधक उत्तम चन्द उपस्थित रहे।











