क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में बच्चों हेतु बैरा (BERA – ब्रेनस्टेम एवोक्ड रिस्पॉन्स ऑडियोमेट्री) सुविधा की जा रही संचालित

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सुरभि न्यूज़

कुल्लू, 21 अप्रैल

हिमाचल प्रदेश जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र (डीईआईसी), क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में बच्चों हेतु बैरा (BERA – ब्रेनस्टेम एवोक्ड रिस्पॉन्स ऑडियोमेट्री) जांच की सुविधा प्रभावी रूप से संचालित की जा रही है। यह सेवा डीडीआरसी की श्रवण विशेषज्ञ डॉ. नेहा के तकनीकी सहयोग से उपलब्ध कराई जा रही है।

केंद्र द्वारा अब तक 220 से अधिक बैरा जांच सफलतापूर्वक संपन्न की जा चुकी हैं। इन जांचों के माध्यम से बच्चों में श्रवण संबंधी समस्याओं की समय रहते पहचान कर आवश्यक हस्तक्षेप सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे उनके समग्र विकास में सकारात्मक सहायता मिल रही है।

विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र (डीईआईसी) का संचालन सांफिया फाउंडेशन एवं क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के संयुक्त प्रयासों से किया जा रहा है। इस संयुक्त पहल का उद्देश्य छोटे बच्चों में विभिन्न प्रकार की विकासात्मक देरी, श्रवण एवं वाणी संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान कर थैरेपी सेवाएँ देना एवं परामर्श सेवाएं प्रदान करना है।

डीईआईसी की प्रभारी डॉ० रेखा ठाकुर ने बताया कि यह बैरा मशीन NHPC पारबती-२ परियोजना के सहयोग से जिला कुल्लू में अपनी सेवाएं दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ० रंजीत ठाकुर के कुशल नेतृत्व में क्षेत्रवासियों को यह महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

इस सुविधा के उपलब्ध होने से अब क्षेत्र के नागरिकों को आई जी एम सी शिमला अथवा मेडिकल कॉलेज टांडा जाने की आवश्यकता नहीं है। यह महत्वपूर्ण जांच अब स्थानीय स्तर पर ही सुलभ है, जिससे समय एवं संसाधनों की बचत हो रही है।

उल्लेखनीय है कि बैरा जांच दिव्यांगता प्रमाण पत्र की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण सहायक जांच है। इसके माध्यम से पात्र बच्चों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा मिलती है।

इस संयुक्त पहल के माध्यम से क्षेत्र में बाल स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है, जिससे अधिक से अधिक बच्चों को लाभान्वित किया जा सकेगा।

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