सुरभि न्यूज़
कुल्लू, 6 मई
अतिरिक्त उपायुक्त कुल्लू,अश्वनी कुमार ने कृषि विभाग की आतमा परियोजना की प्रसार कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन, निर्धारित लक्ष्यों तथा बजट प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई।
अधिकारियों ने बताया कि आतमा परियोजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना तथा उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ना है। इसके अंतर्गत कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देते हुए मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन, नकदी फसलों एवं बहुफसली खेती के लिए किसानों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। साथ ही, नाबार्ड के सहयोग से कृषक उत्पादक संगठनों को सशक्त बनाने तथा प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने पर विशेष बल दिया गया।
अतिरिक्त उपायुक्त ने प्राकृतिक खेती के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक किसानों एवं पशुपालकों को इस योजना से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से उत्पादन लागत में कमी आती है और भूमि की उर्वरता बनी रहती है, जिससे किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त होता है।
उन्होंने विभागीय समन्वय, योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग तथा किसानों की उपज के लिए बेहतर बाजार एवं विपणन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर परियोजना निदेशक आतमा डॉ. राजेंद्र कुमार बग्गा, उप निदेशक कृषि डॉ.रितु गुप्ता, उप निदेशक बागवानी डॉ. राज कुमार, उप निदेशक पशुपालन डॉ. अरुण कमल शर्मा, केवीके बजौरा के वैज्ञानिक डॉ. सुरेंद्र ठाकुर एवं डॉ. राकेश देवलश, उप परियोजना निदेशक डॉ. वर्षा गुप्ता, डॉ. अर्जुन कुमार नेगी, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र पी.एल. नेगी, जिला अग्रणी प्रबंधक दोरजे अंगरूप तथा सचिव एपीएमसी दीक्षित सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।










