जोगिंदर नगर के राजकीय प्राथमिक पाठशाला खोहली को बंद करने के जनविरोधी फैसले के खिलाफ ग्रामीणों ने किया जोरदार प्रदर्शन

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सुरभि न्यूज़

जोगिंदर नगर, 07 जुलाई

जोगिंदर नगर उपमंडल की ऐहजू पंचायत के खोहली गांव में स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला खोहली को बंद कर इसे ऐहजू स्कूल के साथ मर्ज करने के प्रदेश सरकार के जनविरोधी फैसले के खिलाफ भडयाड़ा वार्ड के जिला परिषद सदस्य कुशाल भारद्वाज के नेतृत्व में आज स्कूल के गेट के पास ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया।

इस अवसर पर कुशाल भारद्वाज, ग्राम पंचायत ऐहजू के प्रधान बीरबल, पूर्व उप प्रधान विनोद गौतम, किसान सभा की पंचायत कमेटी के प्रधान सुदर्शन वालिया, ध्यान सिंह, स्कूल प्रबंधन कमेटी की प्रधान कंचन सहित कई एसएमसी सदस्य, महिला मंडल, अन्य गणमान्य लोग, ग्रामवासी तथा स्कूली बच्चे भी शामिल हुए।

इस अवसर पर कुशाल भारद्वाज ने स्कूल बंद करने के फैसले को स्कूली बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ तथा शिक्षा को उजाड़ने वाला करार दिया। उन्होंने कहा कि जिसने भी इस स्कूल को बंद करवाने और इसे दूसरे स्कूल के साथ मर्ज करवाने की सिफारिश की है, उनके खिलाफ भी कार्यवाही होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि इस स्कूल को पुनः बहाल करने के लिए वे एक सप्ताह का समय प्रदेश सरकार को दे रहे हैं और यदि स्कूल को पुनः बहाल न किया गया तो सोमवार 13 जुलाई को एसडीएम कार्यालय के बाहर विशाल प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री को ज्ञापन दिया जाएगा। फिर भी यदि स्कूल को बंद कर इसे ऐहजू स्कूल में मर्ज करने की नोटिफिकेशन रद्द नहीं की गई तो उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।

कुशाल भारद्वाज ने कहा कि इस समय स्कूल में 12 बच्चे पढ़ रहे थे, जिनमें से 6 प्राइमरी में तथा 6 प्री प्राइमरी में हैं। लेकिन कम संख्या का हवाला देकर सरकार के 10 जून के तुगलकी फरमान पर इस स्कूल को बंद कर दिया गया है। इस स्कूल में 3-4 गांवों के बच्चे पड़ते हैं तथा दूसरे स्कूलों की दूरी भी यहां से काफी ज्यादा है। स्कूल में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे अत्यधिक गरीब परिवारों से हैं तथा इस पूरे क्षेत्र में खूंखार जंगली जानवर तथा आवारा पशु भरी मात्रा में हैं। छोटे बच्चों को दूर के स्कूलों में अकेले भेजना बहुत ही रिस्की है तथा गरीब अभिभावक दिहाड़ी मजदूरी करते हैं जिस कारण वे हर दिन बच्चों को स्कूल ले जाने और वापस लाने के लिए समय नहीं दे सकते हैं। इससे इन बच्चों की शिक्षा को जारी रखने में बहुत ही कठिनाई होगी।

कुशाल भारद्वाज ने कहा कि शिक्षा के अधिकार कानून का उद्देश्य हर बच्चे को शिक्षा उपलब्ध करवाना है, लेकिन सरकार का यह फैसला उस कानून की भी अवहेलना करता है। उन्होंने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से आग्रह किया कि इस स्कूल को बेवजह बंद काके दूर दूसरे स्कूल के साथ मर्ज करने बारे जो चूक हुई है उसे सुधार कर इस स्कूल को पुनः बहाल किया जाए।

इस अवसर पर पंचायत प्रधान बीरबल, पूर्व उप प्रधान विनोद गौतम तथा एसएमसी प्रधान कंचन ने कहा कि सन 1975 में स्थापित किए गए इस स्कूल के बंद किए जाने से बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। लोगों ने इस स्कूल के लिए जमीन दान की थी और इस स्कूल को बंद करने का फैसला पूरी तरह से गलत है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सभी क्षेत्रवादी जिला परिषद सदस्य कुशाल भारद्वाज के नेतृत्व में सोमवार 13 जुलाई को एसडीएम कार्यालय जायेंगे।

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