साम्फिया के वरिष्ठ कार्यक्रम प्रबंधक बीजू हिमदल ने संस्था की विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि साम्फिया दिव्यांग बच्चों के समग्र विकास के लिए शिक्षा, थेरेपी, परामर्श, पुनर्वास सेवाओं तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से समावेशी समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
साम्फिया की निदेशक डॉ. रेखा ठाकुर ने समावेशी शिक्षा, दिव्यांगजनों के अधिकार, विभिन्न प्रकार की दिव्यांगताओं, उनकी प्रारंभिक पहचान तथा समय पर हस्तक्षेप के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को प्रत्येक बच्चे को समान अवसर प्रदान करने तथा समावेशी वातावरण विकसित करने का संदेश दिया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य तिलक राज ने कहा कि समावेशी शिक्षा प्रत्येक विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास की आधारशिला है। उन्होंने साम्फिया की टीम का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता एवं क्षमता-विकास कार्यक्रमों के आयोजन हेतु सहयोग का आश्वासन दिया। इस कार्यशाला में केवल जागरूकता एवं संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए। कोई ग्राउंड एक्टिविटी आयोजित नहीं की गई।
इस अवसर पर विद्यालय के उप प्रधानाचार्य विशाल सावल, विशेष शिक्षिका शैलजा भारती उपस्थित रहीं। साम्फिया की ओर से सोशल वर्कर इशानी शर्मा, कार्यालय सहायक सन्नी तथा इंटर्न प्रवित भी कार्यशाला में मौजूद रहे।











