अग्निशमन विभाग की जांबाज टीम ने 17 हजार फीट की ऊंचाई पर खोज निकाला 82 हजार का ड्रोन

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सुरभि न्यूज़ 
केलांग, 10 सितम्बर

अग्निशमन विभाग केलांग की जांबाज सर्च टीम ने आधुनिक तकनीक और सूझबूझ का इस्तेमाल करते हुए बारालाचा की दुर्गम पहाड़ियों में 17 हजार फीट की ऊंचाई पर गुम हुआ करीब 82 हजार रुपये कीमत का ड्रोन खोज निकाला। ड्रोन को सुरक्षित हालत में उसके मालिक को सौंप दिया गया।

जानकारी के अनुसार जिला हमीरपुर के बड़सर उपमंडल के बुढ़ान गांव निवासी नीतीश लखनपाल और उनकी पत्नी 5 सितंबर 2026 को लाहौल-स्पीति के बारालाचा घूमने आए थे। इस दौरान बारालाचा से करीब पांच किलोमीटर आगे लगभग 17 हजार फीट की ऊंचाई पर ड्रोन उड़ाते समय उनका महंगा ड्रोन गुम हो गया। दंपती ने दो दिनों तक ड्रोन को तलाशने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद वे मायूस होकर हमीरपुर लौट गए।

घर पहुंचने के बाद नीतीश लखनपाल ने उप अग्निशमन केंद्र केलांग के प्रभारी रत्न शर्मा से संपर्क कर घटना की पूरी जानकारी दी। रत्न शर्मा ने उन्हें ड्रोन का डाटा रिकॉर्डर और आवश्यक उपकरण लेकर केलांग बुलाया। यहां डाटा रिकॉर्डर से लैपटॉप के माध्यम से ड्रोन की उड़ान का पूरा डाटा निकाला गया और आधुनिक तकनीक की मदद से उसकी लोकेशन ट्रेस की गई।

ट्रेस की गई लोकेशन कयासो झील से करीब 350 मीटर ऊपर, लगभग 17 हजार फीट की ऊंचाई पर पहाड़ में मिली। इसके बाद 9 सितंबर को उप अग्निशमन केंद्र केलांग प्रभारी रत्न शर्मा के नेतृत्व में फायरमैन छेरिंग पलजोर और गृह रक्षक फायरमैन छेरिंग अंगरूप की टीम तथा ड्रोन मालिक नीतीश लखनपाल बारालाचा से करीब पांच किलोमीटर अंदर की ओर दुर्गम क्षेत्र में पहुंचे।

कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और अत्यधिक ऊंचाई के बावजूद सर्च टीम ने अभियान जारी रखा और आखिरकार गुम हुआ ड्रोन खोज निकाला। ड्रोन को बरामद करने के बाद उसे उड़ाकर भी जांचा गया, जिसमें वह पूरी तरह सही हालत में पाया गया। इसके बाद ड्रोन को उसके मालिक नीतीश लखनपाल के सुपुर्द कर दिया गया।

ड्रोन वापस मिलने पर नीतीश लखनपाल ने राहत की सांस ली और अग्निशमन विभाग केलांग के प्रभारी रत्न शर्मा तथा उनकी सर्च टीम की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि यदि उन्होंने समय पर ड्रोन के गुम होने की जानकारी अग्निशमन विभाग को नहीं दी होती और टीम ने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल नहीं किया होता, तो इतना महंगा ड्रोन वापस मिलना संभव नहीं था और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता।

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