सूत्रधार कला संगम ने उपायुक्त कुल्लू से की शिष्टाचार भेंट, नशा निवारण के प्रयासों पर हुई चर्चा

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सुरभि न्यूज़
कुल्लू, 17 अक्तूबर

सूत्रधार कला संगम कुल्लू के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को संस्था के अध्यक्ष दिनेश सेन की अध्यक्षता में उपायुक्त कुल्लू डॉ. अमित कुमार शर्मा (आईएएस) से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान संस्था की ओर से कुल्लू की समृद्ध परंपरा के अनुसार उपायुक्त को कुल्लवी टोपी और मफलर पहनाकर सम्मानित किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें संस्था की 49 वर्षों की गतिविधियों, कला-संस्कृति के संरक्षण और समाज सेवा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।

इस अवसर पर संस्था की ओर से उपायुक्त को स्वागत पत्र भी भेंट किया गया। बैठक में विशेष रूप से युवा पीढ़ी को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने के लिए संस्था द्वारा किए जा रहे प्रयासों और भविष्य में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों पर चर्चा हुई।

उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव की व्यस्तताओं के बाद वह संस्था के पदाधिकारियों से दोबारा मुलाकात करेंगे। उन्होंने सामाजिक कार्यों, विशेषकर युवाओं को नशे से बचाने के लिए किए जा रहे प्रयासों में सहयोग देने की बात कही।
प्रतिनिधिमंडल में संस्था के उपाध्यक्ष कवर वीरेंद्र सिंह, प्रचार-प्रसार सचिव सुंदर श्याम महंत, भंडार प्रभारी तिलक राज चौधरी, सचिव हितेश गोगी, मंजू लता शर्मा और कार्यकारिणी सदस्य भारत भूषण आचार्य शामिल रहे।

सूत्रधार कला संगम हिमाचल प्रदेश की अग्रणी सांस्कृतिक संस्थाओं में शामिल है। संस्था ने 15 राष्ट्रीय युवा उत्सवों में प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया है। इसके अलावा भारत के विभिन्न हिस्सों के साथ खाड़ी देश ओमान में भी हिमाचल की समृद्ध लोक संस्कृति का प्रदर्शन कर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है।

संस्था ने राष्ट्रीय स्तर पर हारमोनियम वादन में कांस्य पदक, बांसुरी वादन में रजत पदक और लोकगीत में स्वर्ण पदक हासिल कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।

सूत्रधार कला संगम इस वर्ष अपना स्वर्ण जयंती वर्ष मना रहा है। संस्था विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आयोजनों के माध्यम से युवाओं को लोक कला, संगीत और अपनी पारंपरिक संस्कृति से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसके साथ ही युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने और समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार करने की दिशा में भी कार्य कर रही है।

संस्था का उद्देश्य हिमाचल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना, नई पीढ़ी तक पहुंचाना और सामाजिक सरोकारों के माध्यम से एक स्वस्थ एवं जागरूक समाज के निर्माण में योगदान देना है।

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