सुरभि न्यूज़
चांदपुर, बिलासपुर
विजयदशमी के पावन अवसर और अपने जन्मदिवस पर बिलासपुर के साहित्यकार अनिल शर्मा नील की पांचवीं पुस्तक ‘अवलोकन : विचार और दृष्टि’ का लोकार्पण दिव्य हिमाचल के मुख्यालय मटौर (कांगड़ा) में गरिमामय एवं सादगीपूर्ण समारोह में किया गया। पुस्तक का विमोचन दिव्य हिमाचल के एडिटर-इन-चीफ अनिल सोनी ने किया। इस अवसर पर समाचार पत्र की संपादकीय टीम के सदस्य संजय अवस्थी, अनिल अग्निहोत्री, राजेंद्र ठाकुर, ओंकार एस. श्रीनाथ सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
समारोह में कल्याण कला मंच बिलासपुर (पंजीकृत) के निदेशक एवं राष्ट्र गौरव सम्मान से सम्मानित सुरेंद्र सिंह मिन्हास, जस्सूर के दिवंगत लेखक नवीन हल्दूनवी की बेटी एवं बाल कहानीकार प्रतिभा हल्दूनवी, धर्मशाला के गजलकार एवं कहानीकार रमेश डडवाल तथा बिलासपुर के साहित्यप्रेमी संजय मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित हुए।
पुस्तक ‘अवलोकन : विचार और दृष्टि’ पर अपने विचार व्यक्त करते हुए अनिल सोनी ने कहा कि यह कृति एक नई विधा पर आधारित है और देश व प्रदेश में अपनी अलग पहचान बनाने की क्षमता रखती है। उन्होंने साहित्यिक रचनाओं के माध्यम से विचारों और दृष्टिकोण को अभिव्यक्त करने के महत्व को भी रेखांकित किया।
उल्लेखनीय है कि अनिल शर्मा नील की इससे पहले चार पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। इनमें कविता संग्रह ‘ध्वनि प्रतिध्वनि’, निबंध संग्रह ‘कोण-दृष्टिकोण’, कविता संग्रह ‘बेअसर बरसते मेरे नैन’ तथा ‘खिड़की से झांकता गांव’ शामिल हैं। ‘अवलोकन : विचार और दृष्टि’ उनकी पांचवीं पुस्तक है।
30 बाल कविता लेखकों की साझा कृति ‘रंग-बिरंगे फूल’ भेंट
इस अवसर पर सुरेंद्र सिंह मिन्हास ने कल्याण कला मंच बिलासपुर के 30 बाल कविता लेखकों के साझा प्रयासों से प्रकाशित बाल कविता संग्रह ‘रंग-बिरंगे फूल’ की प्रति अनिल सोनी और उनकी संपादकीय टीम को भेंट की। विविध रंगों से सजी यह पुस्तक बाल साहित्य के प्रति रचनाकारों की सामूहिक पहल को दर्शाती है।
मिन्हास ने कहा कि वर्तमान समय में बाल साहित्य का लेखन अपेक्षाकृत कम हो रहा है। ऐसे में बच्चों के लिए तैयार की गई इस आकर्षक कृति से बाल साहित्य की कमी को पूरा करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने बाल साहित्य के सृजन और प्रकाशन को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
बाल कहानीकार प्रतिभा हल्दूनवी ने अपना स्वप्रकाशित बाल कहानी संग्रह ‘दुलारा बिशु’ भी अनिल सोनी और दिव्य हिमाचल की पूरी संपादकीय टीम को भेंट किया।
समारोह में साहित्यकारों और साहित्यप्रेमियों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष बना दिया। इस अवसर पर पुस्तकों के लोकार्पण और साहित्यिक कृतियों के आदान-प्रदान के माध्यम से कविता, कहानी, विचार और बाल साहित्य को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम ने साहित्यिक संवाद और रचनात्मक अभिव्यक्ति के महत्व को रेखांकित किया।











