सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, कुल्लू।
देवभूमि कुल्लू के ऐतिहासिक ढालपुर मैदान में स्थित भगवान रघुनाथ जी के अस्थायी शिविर में आर्ट ऑफ लिविंग संस्था, कुल्लू की ओर से भव्य सत्संग का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और भक्ति, संगीत तथा आध्यात्मिक आनंद से परिपूर्ण वातावरण में सत्संग का भरपूर आनंद उठाया। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी आर्ट ऑफ लिविंग कुल्लू के प्रशिक्षकों एवं स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं के साथ मिलकर इस आयोजन को भक्तिमय और यादगार बनाया।
सत्संग का शुभारंभ भगवान गणेश की स्तुति के साथ हुआ। इसके पश्चात भगवान श्रीराम की महिमा का गुणगान करते हुए एक से बढ़कर एक भावपूर्ण राम भजन प्रस्तुत किए गए। राम भजनों के साथ-साथ माता रानी के भजनों ने भी श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। भजनों की मधुर धुनों और भक्तिमय संगीत से पूरा वातावरण राममय हो उठा तथा शिविर परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा और दिव्यता का विशेष संचार हुआ।
इस अवसर पर आर्ट ऑफ लिविंग की प्रशिक्षक सरिता शर्मा तथा वरिष्ठ स्वयंसेवक अंशुल पराशर सहित अन्य गायकों ने अपनी सुमधुर प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भजनों की मधुर लय पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमते और नृत्य करते नजर आए। पूरा शिविर परिसर जय श्रीराम और माता रानी के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने सामूहिक भजन-कीर्तन के माध्यम से भक्ति और आनंद की अनुभूति की।
सत्संग के समापन के पश्चात सभी श्रद्धालुओं के लिए प्रीतिभोज की व्यवस्था की गई, जिसमें भक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे के साथ प्रसाद एवं भोजन ग्रहण किया।
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी अंशुल पराशर ने निभाई अहम भूमिका आर्ट ऑफ लिविंग कुल्लू के वरिष्ठ प्रशिक्षक सुंदर ठाकुर ने बताया कि भगवान रघुनाथ जी के शिविर में आयोजित यह सत्संग संस्था की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में वरिष्ठ स्वयंसेवक अंशुल पराशर ने हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मुख्य भूमिका निभाई। उनके सहयोग और अन्य स्वयंसेवकों के समर्पण से सत्संग का आयोजन उत्साह एवं श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ।

सत्संग केवल भजन-कीर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों को आध्यात्मिकता से जोड़ने, आपसी प्रेम बढ़ाने और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने का एक सशक्त माध्यम भी है। ऐसे आयोजनों से लोगों को मानसिक शांति मिलती है तथा सेवा, समर्पण और सद्भाव की भावना मजबूत होती है।
मिडिया प्रभारी सुशांत शर्मा ने बताया कि आर्ट ऑफ लिविंग कुल्लू भविष्य में भी इस प्रकार के सत्संग एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन जारी रखेगा, ताकि अधिक से अधिक लोग आध्यात्मिक चेतना से जुड़ सकें और समाज में प्रेम, शांति तथा सकारात्मकता का संदेश प्रसारित हो सके।
भगवान रघुनाथ जी के पावन शिविर में आयोजित इस भव्य सत्संग ने श्रद्धालुओं को भक्ति और आध्यात्मिक आनंद से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं के चेहरों पर प्रसन्नता और मन में भक्ति का भाव स्पष्ट दिखाई दिया। इस दौरान सभी स्वयं सेवक उपस्थित रहे।












