सुरभि न्यूज़
सी आर शर्मा , आनी
गारंटीयों के बाद अब विधायक लोकेंद्र कुमार ने चुनावी घोषणा पत्र के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि चुनावी गारंटीयों की तरह कांग्रेस का घोषणा पत्र भी खोखला निकला। कांग्रेस के केंद्रीय नेताओं के साथ प्रदेश नेतृत्व ने हिमाचल में चुनावी गारंटी के साथ चुनावी घोषणा पत्र भी जारी किया था। जिसमें एक दावा किया था कि प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और मजबूर मजबूत किया जायेगा
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने दावा किया था कि दुर्गम स्थानों पर लोगों को राशन देने के लिए मोबाइल वैन की सुविधा शुरू करेगी। सरकारी राशन के डिपो की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ ही राशन डिपो धारकों के मानदेय बढ़ाकर बीस हजार कर देगी। सरकार ने डिपो में सुविधा बढ़ाने के बजाय डिपो में मिल रही सुविधाएं भी काम कर दी है। सस्ते दामों में मिलने वाली दाल तेल सहित अन्य सामानों के दाम बढ़ा दिए हैं। सरकार अपने इस चुनावी वादे की स्थिति स्पष्ट करें और बताएं कि दुर्गम स्थानों पर राशन पहुंचाने के लिए कितने मोबाइल वैन सेवाएं शुरू की है।
विधायक लोकेंद्र कुमार ने कहा कि अपना घोषणा पत्र जारी करते समय कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि चुनावी घोषणा पत्र उनके लिए पवित्र दस्तावेज है। जिसे वह हर हाल में पूरा करेंगे। सरकार का एक साल का कार्यकाल पूरे होने वाला है और सरकार बनने के बाद कांग्रेसी नेताओं ने उसे पवित्र दस्तावेज को एक बार छुआ तक नहीं है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने डिपो के संचालकों के मानदेय को बढ़ाकर बीस हजार रूपये प्रति महीने करने का वचन दिया था। इसके साथ ही सहकारी समितियां के विक्रेता और कर्मचारियों को भी निजी डिपो धारकों की तरह वित्त लाभ देने की व्यवस्था करने की घोषणा की थी। लेकिन अभी तक ना तो सरकार में बैठे लोगों ने इस बारे में कोई बात की है और ना ही कांग्रेस पार्टी में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने सरकार को अपने इस वादे के बारे में ही याद दिलाया है।









