सम्मान : कल्याण कला मंच बिलासपुर ने सूबेदार नन्द लाल को वीर योद्धा सम्मान से किया सम्मानित 

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सुरभि न्यूज़, चांदपुर/बिलासपुर : कल्याण कला मंच द्वारा निदेशक सुरेन्द्र मिन्हास के नेतृत्व में निचली भटेड़ गांव के व्योवृद्ध सैनिक नंदलाल को उनके घर जाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर कल्याण कला मंच की नवगठित कार्यकारिणी की अध्यक्षा तृप्ता कौर मुसाफ़िर, महासचिव बाबू राम धीमान, कोषाध्यक्ष श्याम सुन्दर सहगल और मुख्य संरक्षक अमरनाथ धीमान सहित रविन्द्र कमल चंदेल भी मौजूद रहे। मोहण और फुल्मू के घर सन् 1934 में जन्मे नंदलाल गरीब परिवार से सम्बन्ध रखते थे।

इनके पिता मोहण पुरोहितचारी का काम करते थे और इनकी माता फुल्मू दाई का कार्य करती थी। अपने तीन भाईयो और दो बहनों में नंदलाल सबसे छोटे छोटे हैं। नंदलाल हृष्ट पुष्ट, चंचल और मेहनती थे। अथाह गरीबी के कारण मात्र चौथी तक ही शिक्षा प्राप्त कर पाए। कुश्ती लड़ने के शौकीन नन्द लाल दिहाड़ी लगाकर अपने परिवार का पालन पोषण करते थे।

सन् 1952 में किसी काम के चलते बिलासपुर गए थे और उन्हें किसी ने बताया कि लुहनू मैदान में भर्ती हो रही है और उसे देखने चले गए। गांव के ही हवलदार गुलाबा राम उनको दो लड़कों के साथ मिल गए। नंदलाल यहां सिपाही भर्ती हो गये। पंद्रह डोगरा में बतौर सिपाही भर्ती हुए नन्दलाल गार्ड डियूटी के दौरान रात के समय स्ट्रीट लाइट की रोशनी में छुप छुप पर पढ़ाई की और मिलट्री स्तर की दसवीं कक्षा उत्तीर्ण कर ली। इन्होंने 15 डोगरा में पांच साल अपनी सेवाएं दी। उसके बाद 15 फील्ड, 23 मांऊटेन और अटलरी में रह कर देश के लिए सेवाएं दी।

इन्होंने 1962 में भारत चीन युद्ध, 1965 व 1971 में भारत पाकिस्तान युद्ध में अपनी बहादुरी, साहस और देश प्रेम का जज्बा दिखाया। इसके लिए इन्हें कई मैडल और प्रशस्ति पत्र मिले हैं। सेना विनिमय – 1962 के पैरा 171 के अनुसार इनका चाल चलन एग्जैम्पलरी है। इन्हें मैडल Clasp NEFA, 25 th इंडिपेंडेंस, Ann Medal, Porvi Star, Nava Varsha Dirgha Seva Medal, VINSHA VARSHA DIRGHA SEVA MEDAL and Sainya Seva Medal with Clasp J & K से अलंकृत किया गया।

तत्कालीन राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी ने इन्हें इनकी वफादारी, साहस, सदाचार, बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए 14 मार्च 1966 को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है। अठाईस वर्ष देश सेवा करने के पश्चात् यह 01 मई 1980 को बतौर सुबेदार सेना से सेवानिवृत्त हुए हैं। कल्याण कला मंच सुबेदार नंदलाल को उनके घर पर जाकर काले बाबा वीर योद्धा सम्मान 2025 से सम्मानित कर गौरवान्वित महसूस कर रहा है।

सुबेदार नंदलाल का इकलौता बेटा बैंक कर्मचारी अनिल कुमार नील सपरिवार इनकी देखभाल कर रहा है। सरकार को ऐसे बीर योद्धाओं को पहचान करके राजकीय समारोहों की शोभा बना कर सम्मानित करना चाहिए ताकि हमारी युवा पीढ़ी भी नशे से किनारा कर के ऐसी विभूतियों का अनुशरण करे और उन्हें प्रेरणा मिल सकें। इस अवसर पर कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहें।

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