फसल विविधीकरण से किसानों की आय, आधुनिक, टिकाऊ एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि को मिलेगा बल – अनुराधा राणा 

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सुरभि न्यूज़, केलांग : लाहौल एवं स्पीति विधायक अनुराधा राणा ने जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जायका) के सहयोग से हिमाचल प्रदेश में चल रही फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (चरण-II) की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान परियोजना की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई।
खंड परियोजना प्रबंधक डॉ. जयंत रत्ना ने विधायक को अवगत कराया कि परियोजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय दोगुनी करते हुए उच्च मूल्य वाली सब्जियों एवं लाभकारी फसलों को बढ़ावा देना है। इसमें सिंचाई सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण, खेतों तक सड़कों का निर्माण, मांग आधारित विपणन, किसान समूहों एवं एफपीओ का गठन तथा डेयरी, मधुमक्खी पालन, मशरूम, विदेशी सब्जियां जैसे उद्यमों को प्रोत्साहन शामिल है।
अनुराधा राणा को बताया गया कि परियोजना प्राकृतिक खेती एवं खुशहाल किसान योजना से समन्वित होकर रसायन रहित खेती को बढ़ावा दे रही है। किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता, गुणवत्तापूर्ण बीज-पौध उपलब्ध कराए जा रहे हैं। हिम हल्दी, हिम दलिया, हिम आटा जैसे उत्पादों की पैकेजिंग, ब्रांडिंग एवं विपणन पर जोर दिया जा रहा है, जिससे बेहतर मूल्य सुनिश्चित हो। लाहौल-स्पीति क्षेत्र में जल बहाव सिंचाई योजनाएं तेजी से बन रही हैं, जिनसे सैकड़ों हेक्टेयर भूमि पर उच्च मूल्य फसलें उगाई जा सकेंगी।
विधायक को जानकारी दी गई कि प्रशिक्षण शिविरों, प्रदर्शन प्लॉटों एवं परामर्श के माध्यम से 700 से अधिक किसान परिवार लाभान्वित होंगे, जिससे लाहौल घाटी की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी तथा युवाओं को कृषि-आधारित रोजगार मिलेगा। विधायक अनुराधा राणा ने परियोजना प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि फसल विविधीकरण से किसानों की आय बढ़ेगी तथा क्षेत्र में आधुनिक, टिकाऊ एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि को बल मिलेगा। उन्होंने लाहौल-स्पीति के किसानों के कल्याण हेतु पूर्ण समर्थन एवं निरंतर समन्वय का आश्वासन दिया।

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